राजनीति

51 विधानसभा और 2 लोकसभा सीटों पर फैसला आज

 नई दिल्ली 
देश के 18 राज्यों की 51 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती बृहस्पतिवार को होगी। इन सीटों में से करीब 30 सीट भाजपा और उसके सहयोगियों के पास है। वहीं 12 सीटें कांग्रेस और बाकी अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के पास है। उपचुनाव पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है क्योंकि परिणाम विधानसभा के गणित को आंशिक रूप से ही बदल पाएंगे। इसके परिणाम से पार्टियों में उत्साह बढ़ेगा। सोमवार को आयोजित हुए उपचुनाव में 57 फीसदी मतदान हुआ था। गुरुवार को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। काउंटिंग शुरू हो गई है और रुझान आने शुरू हो गए हैं।

सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर उपचुनाव हुआ था। वहीं इसके बाद गुजरात में छह, बिहार में पांच, असम में चार, हिमाचल प्रदेश में दो और तमिलनाडु में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे। जिन दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उनमें से एक महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा सीट और बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट है। ये सीटें क्रमश: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पास थी। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में उपचुनाव एक तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए परीक्षा की तरह है। भाजपा के पास यहां 403 विधानसभा सीटों में से 302 हैं।

यहां 11 सीटों के लिए भाजपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच चौतरफा मुकाबला है। इन सीटों में से आठ सीट पहले भाजपा के पास थी, एक सीट उसके सहयोगी दल अपना दल (सोनेलाल) के पास थी। वहीं रामपुर और जलालपुर (आंबेडकरनगर) क्रमश: समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास थी। राज्य में सोमवार को 47.05 फीसदी मतदान हुआ था।
 
राजस्थान में अगर भाजपा और उसके सहयोगी आरएलपी से कांग्रेस दो सीटें छीनने में सफल हो जाती है तो वह विधानसभा में मजबूत स्थिति में आ जाएगी। यहां दो विधानसभा सीटों मंडावा और खींवसर के लिए उपचुनाव हुए थे।

सिक्किम में तीन सीटों के लिए उपचुनाव हुए थे, जिनमें से मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (पोकलोक कामरांग विधानसभा) भी उम्मीदवारों में से एक हैं। यहां 32 विधानसभा सीटों में से सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के पास 18, भाजपा के पास 10 हैं। कई अन्य के पार्टी छोड़ने के बाद सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के पास अब सिर्फ एक विधायक बच गया है।

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया भी गंगटोक से हमरो सिक्किम पार्टी (एचएसपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। गुजरात में बनासकांठा जिले के थराड में, पाटन के राधनपुर, मेहसाना में खेरालु, अरवल्ली के बयाड में, अहमदाबाद के अमराइवाड़ी और महिसागर की लुनावाड़ा सीट पर उपचुनाव हुआ था। भाजपा ने राधनपुर से पूर्व कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर को चुनाव मैदान में उतारा था।

पंजाब के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत एक तरह से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की नीतियों का समर्थन होगी। राज्य में फगवाड़ा (आरक्षित), जलालाबाद, दाखा और मुकेरियां विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। अरुणाचल प्रदेश में खोंसा पश्चिम सीट पर, छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित चित्रकोट सीट पर, तेलंगाना में हुजुरनगर सीट पर, मध्य प्रदेश की झाबुआ और मेघालय की शेल्ला सीट पर उपचुनाव हुआ था।

बिहार में लोकसभा की एक सीट समस्तीपुर और विधानसभा की पांच सीटों किशनगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दरौंदा, नाथनगर और बेलहर सीट पर चुनाव हुआ था। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इस उपचुनाव का प्रदर्शन नीतीश कुमार सरकार की नीतियों को लेकर जनता की राय दिखा सकता है।

तमिलनाडु में विल्लुपुरम जिले के विक्रवांदी और तिरुनेलवेल्ली जिले के नांगुनेरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था। यहां मुकाबला अन्नाद्रमुक और द्रमुक के बीच है। केरल में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ। हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती भी बृहस्पतिवार को होगी।

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