मध्य प्रदेश

योजनाओं नियम कानूनों में बदलाव के दावे राजधानी में ही फैल, एएनएम के लिए ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्था नहीं

भोपाल
सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के तमाम दावे कर रही है। योजनाओं नियम कानूनों में बदलाव कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे राजधानी में ही फैल हो रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रमों, टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग की तमाम सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने का जिम्मा जिन एएनएम के कंधों पर होता है। राजधानी में उनके लिए ट्रेनिंग सेंटर की ही व्यवस्था नहीं हैं। प्रदेश के हर जिले में एएनएम के टेनिंग सेंटर हैं और इन सेंटर्स में ही उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन राजधानी भोपाल में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की बिल्डिंग में दूसरे दफ्तर खोल दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई कार्यक्रम और अभियान चलते रहते हैं। इस दौरान एएनएम के लिए बैठकों और ट्रेनिंग के लिए कोई स्थायी जगह निर्धारित नहीं हैं। नवनियुक्त एएनएम के प्रशिक्षण के लिए भी विभाग को होटलों में ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इससे विभाग के पैसे की बर्बादी होती है।

जेपी अस्पताल परिसर में स्थित ट्रेनिंग सेंटर की बिल्डिंग में पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ ) का दफ्तर शुरू किया किया गया। लेकिन बाद में सीएमएचओ के कार्यालय को हटाकर राज्य सूचना संचार ब्यूरो (आईईसी ब्यूरो) बना दिया गया।  अब आईईसी ब्यूरों के साथ- साथ इसी बिल्डिंग में गुपचुप तरीके से आयुष्मान भारत- निरामयम मप्र का राज्य स्तरीय कार्यालय भी शुरू कर दिया गया है। 

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