उत्तर प्रदेश

बवाल के बाद पुलिस का देर रात तांडव, घरों में तोड़फोड़, महिलाओं को पीटा

वाराणसी    
वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र के हरसोस गांव में देर रात पुलिस ने सिपाहियों की गायब पिस्टल की तलाश में तांडव किया। पुलिस ने न सिर्फ घरों में तोड़फोड़ की, बल्कि महिलाओं की भी पिटाई की। दरअसल, हरसोस में सोमवार की शाम लूट के मामले में वांछित दो बदमाशों को पकड़ने के दौरान बवाल हो गया था। बदमाशों को पकड़ने पहुंची जौनपुर की स्वाट टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और उनकी पिटाई की और दो पिस्टल भी छीन लिये थे।

जिसके बाद देर रात पुलिस सिपाहिओं की गायब पिस्टल की तलाश में पहुंची थी, जहां उसने तांडव किया। पुलिसवालों ने कई घरों में तोड़फोड़ की। पुरुष तो घर से फरार हो गए या हिरासत में ले लिये गए। महिलाओं ने विरोध किया तो जमकर पिटाई की गयी। पिटाई में बिट्ठल देवी (60) और भारती देवी (30) घायल हैं। इन लोगों का कहना है कि भारद्वाज बस्ती से दलित बस्ती काफी दूर है। इस घटना की हम लोगों को कोई जानकारी भी नहीं थी। इस मामले में हमारा कोई लेना-देना नहीं है लेकिन पुलिस तांडव कर रही है।

इससे पहले स्वाट टीम को छुड़ाने पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने पथराव कर हमला बोल दिया। हमले में स्वाट प्रभारी, रोहनिया थाना प्रभारी और करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारियों ने किसी तरह स्वाट टीम को छुड़ाया और ग्रामीणों को खदेड़ा। एसएसपी समेत आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। हमला करने वालों की तलाश में देर रात तक छापेमारी होती रही। पुलिस ने 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

जंसा के हरसोस गांव निवासी राजन भारद्वाज और राहुल की जौनपुर पुलिस को लूट समेत कई वारदातों में लंबे समय से तलाश थी। जौनपुर की स्वाट टीम को मुखबीर से खबर मिली कि दोनों दीपावली पर घर आए हैं। सटीक सूचना पर सोमवार की रात आठ बजे पहले एक बाइक सवार दो पुलिसकर्मी पहुंचे। दोनों ने सूचना की पुष्टि की और बताया कि राजन व राहुल अपने पाही से घर खाना खाने जा रहे हैं। इसी समय बोलेरो में स्वाट प्रभारी बालेंद्र के साथ उनकी टीम पहुंच गई। स्वाट टीम राजन और राहुल को गाड़ी में खींच कर बैठाने लगी। राहुल तो धक्का देकर भाग निकला लेकिन राजन पकड़ लिया गया।

शोरगुल सुनकर ग्रामीण जुट गए। बाइक सवार पुलिसकर्मियों और स्वाट टीम को घेर लिया। बाइक वालों को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा और उनकी दो पिस्टल भी लूट ली। घटना  की सूचना मिलते ही पीआरबी पहुंची तो उन पर भी हमला कर दिया। फोर्स के साथ पहुंचे रोहनिया थानाध्यक्ष ने स्वाट  टीम को छुड़ाने  की कोशिश की तो लोग उग्र हो गए। जबरदस्त पथराव कर दिया।  

 

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