मध्य प्रदेश

शिक्षकों के व्यवहार समर्पण और सोच से होगा बदलाव: नाथ

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज दो दिवसीय स्टीम कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा बीस सालों में एजुकेशन के क्षेत्र में बडे बदलाव हुए हैं। लेकिन हमें स्कूलों में संसाधनों के बजाय शिक्षकों की सोच, काम करने के व्यवहार, एटीट्यूड के बारे में विचार करना चाहिए। स्कूल की बिल्डिंग बन जाये लेकिन यदि शिक्षक की सोच और व्यवहार ठीक नहीं है तो शिक्षा का स्तर नहीं सुधर सकता। शासन-प्रशासन को भी अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। 80-85 के दशक में जब राजीव गांधी कम्प्यूटर की बात करते थे तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे। आज भी हम कोई नई शुरुआत करते हैं तो उसकी आलोचना होती है। लेकिन हमें परिवर्तन के मार्ग पर आगे बढ़ना है। आज विश्व भर में प्रसिद्ध डॉक्टर आईटी इंजीनियर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।  कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने स्टीम कॉन्क्लेव की अवधारणा को बताया। उन्होंने वीडियो के माध्यम से सभागार में मौजूद प्रतिभागियों से कागज की नाव बनाने को कहा। वीडियो देखकर भी अधिकांश लोग नाव नहीं बना पाए। मुख्यमंत्री कमलनाथ, सीएस एसआर मोहंती सहित मंच पर बैठे अधिकांश लोगों ने नाव नहीं बना पाई। कार्यक्रम को स्कूल शिक्षा मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्व स्तर की शिक्षा पद्वति को प्रदेश में लागू कर रहे हैं। विज्ञान, तकनीकी गणित के साथ ही कला को भी शामिल किया गया है। इस दौरान प्रदेश भर के स्कूलों के शिक्षकगण और देश विदेश से आये शिक्षाविद् मौजूद रहे।

Tags

Related Articles

Back to top button
Close
Close