उत्तर प्रदेश

 अयोध्या पर फैसला चाहे जो भी हो, खुले मन से स्वीकार करें

 नई दिल्ली 
अयोध्या मामले पर फैसला आने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को सभी पक्ष से आपसी भाईचारे और शांति की अपील की। संघ ने ट्वीट कर कहा, उच्चतम न्यायालय के आने वाले निर्णय का सभी को खुले दिल से स्वागत करना चाहिए। फैसला चाहे जो हो सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

संघ नेतृत्व ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ राम मंदिर, दो राज्यों के चुनाव नतीजों और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। संघ के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने बैठक के बारे में ट्वीट कर जानकारी  दी। उन्होंने कहा, अयोध्या पर फैसले को सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए।

माना जा रहा है कि अदालत का फैसला राम जन्मभूमि के पक्ष में आ सकता है। ऐसे में इसकी प्रतिक्रिया भी हो सकती है। इस बारे में सबसे अहम भूमिका गृह मंत्रालय की रहेगी। संघ का ट्वीट इसी चिंता को लेकर है। बता दें कि 16 अक्तूबर को शीर्ष अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ अयोध्या विवाद पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

विवादित जमीन हिंदुओं को सौंपें: कल्बे सादिक
वरिष्ठ शिया धर्मगुरु और इस्लामी विद्वान मौलाना कल्बे सादिक ने कहा है कि उनकी निजी राय है कि उच्चतम न्यायालय का फैसला आने से पहले मुसलमानों को चाहिए कि वे अयोध्या के विवादित स्थल की जमीन हिन्दुओं को मंदिर निर्माण के लिए सौंप दें।
 

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