छत्तीसगढ़

पंचायत पदाधिकारियों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया संबंधी निर्देश जारी

रायपुर
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में आगामी त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2019-20 में पंचायत राज संस्थाओं के लिए पंचायत पदाधिकारियों के आरक्षण की  प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जारी पत्र के अनुसार त्रि-स्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों जैसे – पंच, सरपंच, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के सदस्यों तथा अध्यक्षों के पदों के लिए आरक्षण छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 में प्रावधानित धारा 13, 17, 23, 25, 30 और धारा 32 के तहत आरक्षण की कार्यवाही सम्पन्न कराया जाना है।

त्रि-स्तरीय पंचायत पदाधिकारियों का निर्वाचन वर्ष 2019-20 में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों का परिसीमन कराया गया है। तदानुसार धारा 13 के अनुसार ग्राम पंचायत का गठन, धारा 17 के अनुसार सरपंच और उप सरपंच का निर्वाचन, धारा 23 के अनुसार खण्ड का निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन, धारा 25 के अनुसार जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन, धारा 30 के अनुसार जिले के निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन एवं धारा 32 के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन के तहत चक्रानुक्रम का प्रावधान प्रतिस्थापित है।

त्रि-स्तरीय पंचायत पदाधिकारियों का निर्वाचन प्रावधानित धारा के सहपठित छत्तीसगढ़ पंयायत निर्वाचन नियम 1995 वर्तमान में प्रभावशील है। पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा – 2, 13, 17, 23, 25, 30, 32 में संशोधन के पश्चात राजपत्र क्रमांक 549 संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।

विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित धाराओं में संशोधन के पश्चात् छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 में विभिन्न पदों के आरक्षण के लिए उल्लेखित चक्रानुक्रम का चक्र पंचायत आम निर्वाचन वर्ष 2019-20 से प्रारंभ माना जाएगा। निर्धारित नियमों में बने प्रावधानों के अनुसार पंचायत आम निर्वाचन के आरक्षण का कार्य सम्पन्न कराई जाएगी। इस प्रकार त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों के निर्वाचन हेतु आरक्षण निर्धारित करने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

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