मध्य प्रदेश

आॅनलाइन टिकिट के जरिए अगर आप ने किया है टिकिट बुक तो रेलवे पुलिस कर सकती है आपसे पुछताछ

ग्वालियर
आॅनलाइन टिकिट के जरिए आप अगर हर महीने कई बार रेलवे यात्रा करते है तो पुलिस आपके घर का दरवाजा कभी भी खटखटा सकती है। ऐसा इसलिए क्योकि आपकी लॉगिन आईडी से 6 या फिर इससे ज्यादा टिकट बुक होते है तो रेलवे की नजर में आप दलाल है। ऐसा हम इसलिए कह रहें है क्योकि हर महीने अपनी आईडी से टिकिट बुक करने की लिमिट को पूरा करने वालों की आईआरसीटीसी अब लंबी लिस्ट तैयार कर आरपीएफ(रेलवे पुलिस फोर्स) को कार्रवाई के लिए सौंप रही है। आरपीएफ अब इसी लिस्ट के आधार पर संबधितों के घर दस्तक देकर उनसे मुजरिमों की तरह इतनी यात्रा क्यो की? इसकी पूछताछ कर सबूत मांग रही है।

रेलवे की माने तो यह पूरी कवायद फर्जी आईडी के जरिए आॅन लाइन टिकिट बनाने वाले दलालों को पकड़ने के लिए की जा रही है। वही दलाल रेलवे के इस  कदम से पूरी तरह से अलर्ट है। खबर है कि फर्जी आईडी के जरिए आॅनलाइन टिकिट बनाने वालों ने अपने इस काम को अंजाम देने के स्थान तक बदल दिए है।

रेलवे विंडों से टिकट लेने की भीड़ कम करने के लिए ही रेलवे ने आईआरसीटीसी के जरिए आॅनलाइन टिकिट बुक करने की सुविधा यात्रियों को दी है। इसके एवज में हर ई-टिकट पर रेलवे अलग से शुल्क भी लेती है, लेकिन अब इस सुविधा का हर माह ज्यादा उपयोग कने वाले यात्रियों को रेलवे पुलिस के सवालों का मुजरिमों की तरह जवाब देना पड़ रहा है। यही कारण है कि आईआरसीटीसी की द्वारा जारी की जा रही संदिग्धों की लिस्ट के बाद रेलवे पुलिस के घर-घर दस्तक देने से फिलहाल सिर्फ आम लोग ही परेशान हो रहे है।

आईआरसीटीसी द्वारा जारी संदिग्धों की सूची पर आरपीएफ द्वारा जांच पड़ताल देश भर में की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर जब प्रदेश टुडे ने ग्वालियर आरपीएफ अधिकारियों से बात की तो उन्होने इसे गोपनीय बताते हुए कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया।

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