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चुनाव से पहले AAP को बड़ी राहत, 11 MLA को अयोग्य ठहराने वाली याचिका राष्ट्रपति ने ठुकराई

 
नई दिल्ली 

विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके 11 विधायकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से बड़ी राहत मिली है. लाभ के पद के मामले में विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया. राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग से सलाह लेने के बाद यह फैसला लिया.

दिल्ली में सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी के 11 विधायकों को राष्ट्रपति की ओर से राहत मिल गई है. आम आदमी पार्टी के जिन 11 विधायकों को राहत मिली उनमें बुराड़ी से विधायक संजीव झा, लक्ष्मी नगर से विधायक नितिन त्यागी, जंगपुरा से विधायक प्रवीण कुमार, आदर्श नगर से पवन कुमार शर्मा, वजीरपुर से राजेश गुप्ता, घोंडा से दत्त शर्मा, रोहताश नगर से सरिता सिंह, संगम विहार से दिनेश मोहनिया, ओखला से अमानतुल्लाह खान, नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत और तिलक नगर से जरनैल सिंह शामिल हैं.

चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का 28 अक्टूबर का 11 आम आदमी पार्टी के विधायकों को राहत देने का फैसला उसके द्वारा दी गई राय पर ही आधारित है.
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इस पद पर अतिरिक्त लाभ नहीं मिलते और उन्हें अयोग्य ठहराए जाने की अपनी खारिज कर दी गई.

क्या था मामला?
चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) में पद पर रहने से किसी विधायक को अयोग्य नहीं घोषित किया जा सकता क्योंकि इससे विधायकों को कोई अतिरिक्त सैलरी या भत्ता नहीं मिलता. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी विधायकों को अयोग्य घोषित करने से इनकार कर दिया था.

17 मार्च, 2017 को राष्ट्रपति महोदय के समक्ष बीजेपी नेता और आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने एक याचिका दायर कर मंत्री कैलाश गहलोत समेत 11 विधायकों की विधानसभा सदस्यता अयोग्य ठहराने  की मांग की थी.

उनकी याचिका के मुताबिक, दिल्ली के 11 जिलों में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) का सह अध्यक्ष होने के तौर पर ये सभी 11 आम आदमी पार्टी विधायक लाभ के पद पर आसीन होते हैं, ऐसे में उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म की जाए. याचिका को चुनाव आयोग के समक्ष भेजा गया था.

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