छत्तीसगढ़

बढ़ाई धान की स्टाक लिमिट, पांच क्विंटल तक होगी खरीदी

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुस्र्वार को सीएम हाउस में हुई कैबिनेट की बैठक में धान की स्टाक लिमिट और एक दिन में अधिकतम खरीदी को बढ़ाने का फैसला किया गया है। छोटा व्यापारी अब एक दिन में अकितम 20 क्विंटल स्टाक तथा एक दिन में अकितम पांच क्विंटल धान, तिलहनों, दालों को खरीद सकेंगे। इससे पहले स्टॉक सीमा 10 क्विंटल और क्रय सीमा चार क्विंटल थी।

मंडियों में तुलैया एवं हम्मालों की प्रचलित पारिश्रमिक दरों में समरूपता लाने के लिए भारसाधक समिति के गठन का निर्णय लिया गया। कैबिनेट में छत्तीसगढ़ राज्य की इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं में निवेश की नीति 2014-19 को नई नीति 2019-24 लागू होने तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में अनुमानित 85 लाख मीट्रिक टन धान के समर्थन मूल्य पर भुगतान के लिए लगभग 15 हजार करोड़ स्र्पये की आवश्यकता होगी।

इसकी व्यवस्था बैंकों, वित्तीय संस्थाओं से साख सीमा प्राप्त कर की जा रही है। भारत सरकार एवं राज्य शासन से खाद्य सब्सिडी की प्रतिपूर्ति एवं खाद्य सब्सिडी का भुगतान किए जाने पर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त साख सीमाओं का पुनर्भुगतान किया जाएगा। उपरोक्त साख सीमाओं प्रस्तावों पर शासकीय गारंटी पर लगने वाले प्रत्याभूति शुल्क को माफ करने का निर्णय लिया गया।

राज्यगीत का समय अब एक से दो मिनट

राज्य शासन द्वारा साहित्यकार डॉ. नरेंद्र देव वर्मा द्वारा लिखित गीत अरपा पइरी के धार, महानदी हे अपार को राज्यगीत घोषित किया गया है। राज्यगीत को छत्तीसगढ़ के लोकगायकों द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ गाए जाने पर गीत की अवधि छह मिनट 36 सेकेंड की है। जबकि राष्ट्रगान की वंदन अवधि 52 सेकेंड है। इसको देखते हुए राज्य गीत का वंदन अवधि 1 से 2 मिनट करने का निर्णय लिया गया।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

– छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्त्रोत से औद्योगिक प्रयोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग के लिए 24 फरवरी 2016 से प्रचलित जलदरों के पुननिर्धारण का अनुमोदन किया गया।

– रायपुर में अंतरराज्यीय बस स्टैंड निर्माण के लिए बालाजी स्वामी दुधादारी मठ रायपुर की 26 एकड़ जमीन के बदले ग्राम पिपरौद स्थित शासकीय भूमि से अदला-बदली का निर्णय लिया गया।

– रायबहादुर भूतनाथ डे चेरिटेबल ट्रस्ट बूढ़ापारा रायपुर का भवन, जहां वर्तमान में हरिनाथ अकादमी का स्कूल संचालित है। उसको स्वामी विवेकानंद स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बदले में डे चेरिटेबल ट्रस्ट को मलेरिया क्षय रोग अस्पताल कालीबाड़ी में भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

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