बिहार

जेल में हत्या: कैसे हाजीपुर जेल के अंदर गया पिस्तौल, सोना लूटकांड के आरोपी मनीष तेलिया मर्डर का सबसे बड़ा सवाल

हाजीपुर                                                                                                                                                                                 
जेल के अंदर हत्या का मामला जेल प्रशासन पर सवाल खड़ा कर रहा है। जेल के अंदर पिस्टल आने के बाद जेल अस्पताल में इलाजरत कैदी की हत्या ने हाजीपुर जेल प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जेल के दक्षिण दिशा की तरफ लेकर मुख्य सड़क की तरफ से भी गेंद या किसी भारी चीज में बांधकर कोई चीज अंदर काफी आसानी से पहुंचा दी जाती है। कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पिस्टल से मनीष की हत्या की गई है, वो पिस्टल कुछ दिन पहले ही जेल के बाहर से जेल के भीतर फेंकवाकर मंगाया गया था। 

आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। हथियार भी बरामद कर लिया गया है। आपसी विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है। हथियार कैसे जेल में पहुंचा, जांच हो रही है। 
-उदिता सिंह, डीएम, वैशाली
 
पुलिस और मृतक बंदी के गांव वालों में हुई नोकझोंक
अस्पताल परिसर से पुलिस के द्वारा लोगों को अस्पताल परिसर से अव्याहरिक ढंग से हटाने और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर पुलिस और लोगों के बीच थोड़ी देर के लिए जमकर नोक-झोंक हुई। हो-हल्ला शुरू हो गया। बाद में वहां पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स ने स्थिति को काबू में किया। 

अस्पताल परिसर में अफसरों की दौड़ती रहीं गाड़ियां
जेल में हुई हत्या की घटना के बाद सदर अस्पताल में पुलिस के वरीय अधिकारियों की गाड़ियां देर रात तक आती-जाती दिखीं। घायल कैदियों में हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के लाल पोखरा निवासी प्रिंस कुमार, प्रिंस कुमार, बागदीप सिंह, चंदन और रामजी पासवान को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जेल अस्पताल में झड़प के दौरान ये लोग घायल हुए।

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