मध्य प्रदेश

पुलिस मुख्यालय में महिला कर्मचारियों के बच्चों के लिए बनेगा झूलाघर

भोपाल
पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आज आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaint Committee) की बैठक हुई. इस बैठक में समिति की पीठासीन अधिकारी आईपीएस सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक शालिनी दीक्षित सहित अन्‍य संबंधित अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद थे. इस त्रैमासिक बैठक में कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई. पुलिस मुख्‍यालय की आंतरिक परिवाद समिति की पीठासीन अधिकारी सिमाला प्रसाद ने कहा कि कार्यालय की हर शाखा में ऐसी कार्य संस्‍कृति, वातावरण विकसित करें, जो महिला और पुरूष दोनों के लिए सहज हों. साथ ही किसी को भी काम करने में कठिनाई न हो. उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से यह भी कहा कि महिला कर्मचारी कार्यस्‍थल पर लैंगिक भेदभाव सहन न करें. कार्यालय में किसी भी प्रकार का लैंगिक भेदभाव अथवा उत्‍पीड़न होने पर अपनी बात परिवाद समिति के समक्ष जरूर रखें.

इस समिति में महिला अधिकारी और कर्मचारी की आने वाली शिकायतों की न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाती है. साथ ही कानूनी मदद भी प्रदान की जाती है. महिलाओं का कार्यस्‍थल पर लैंगिक उत्‍पीड़न अधिनियम 2013 के परिपालन में पुलिस मुख्‍यालय में भी आंतरिक परिवाद समिति गठित की गई है. सिमाला प्रसाद ने बताया कि पुलिस मुख्‍यालय में कार्यरत महिलाओं के शिशुओं के लिए झूलाघर बनाया जा रहा है. 23 वीं वाहिनी में भी यह व्‍यवस्‍था की गई है, जिसमें अल्‍प शुल्‍क पर सेवाएं मुहैया कराई जाती है.

सिमाला प्रसाद ने पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं के नोडल अधिकारियों से कहा कि जो महिला कर्मचारी दुपहिया और 4 पहिया वाहन चलाने के साथ इंग्लिश स्‍पीकिंग का प्रशिक्षण लेने की इच्‍छुक हैं, उन महिला कर्मचारियों के नाम अतिशीघ्र पुलिस मुख्‍यालय की महिला अपराध शाखा को उपलब्‍ध कराए जाएं. उन्‍होंने महिला कर्मचारियों को आह्वान करते हुए कहा कि वे कर्तव्‍यनिष्‍ठ होकर काम को अंजाम दें और यह साबित करें कि वे भी पुरूषों की तरह हर चुनौतीपूर्ण कार्य करने में सक्षम हैं. बैठक में महिलाओं का कार्यस्‍थल पर लैंगिक उत्‍पीड़न अधिनियम को प्रभावी ढ़ंग से लागू करने के लिए महिला एवं पुरूष प्रतिनिधियों के सुझाव लिए गए.

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