बिहार

बिहार में पोस्टर वार: जदयू के जवाब में राजद ने भी जारी किया पोस्टर

पटना                                                                                   
बिहार में पोस्टरवार की सियासत थम नहीं रही है। जदयू द्वारा लालू-राबड़ी के 15 साल के शासन का हिसाब मांगे जाने को लेकर जारी पोस्टर के जवाब में राजद ने शुक्रवार को पोस्टर जारी किया। राजद प्रदेश कार्यालय के बाहर पार्टी की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा गया है।  खास यह भी है कि राजद का जवाबी पोस्टर किसी नेता-कार्यकर्ता का नहीं बल्कि पार्टी का अधिकृत पोस्टर है। जदयू ने अपने पोस्टर में ‘हिसाब दो-हिसाब लो’ लिखा था। अपने जवाबी पोस्टर में राजद ने ‘झूठ की टोकरी, घोटालों का धंधा’ लिखा है। इस वाक्य को नीति आयोग की ओर से प्रमाणित होने का दावा भी है। 

सरकार को आड़े हाथों लिया
राजद ने पोस्टर में राज्य के साथ ही केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया है। देश में महंगाई होने का दावा करते हुए पार्टी द्वारा राफेल खरीद पर सवाल उठाने के साथ ही नीरव मोदी, ललित मोदी, विजय माल्या के देश छोड़कर भागने पर तंज कसा गया है। सूखा, शराब माफिया व घुसखोरी का भी आरोप केंद्र सरकार पर लगाया गया है। केंद्र की सरकार को जुमलों की टोकरी बताई गई है।  वहीं, पोस्टर के एक हिस्से में बिहार सरकार पर निशाना साधा गया है। सृजन घोटाला का आरोप लगाया गया है। साथ ही अपराध और कानून-व्यवस्था के मसले पर सरकार पर निशाना साधा गया है। हत्या, बलात्कार, लूट में वृद्धि का आरोप है। महंगाई से जनता के परेशान होने का जिक्र है। रोजी-रोजगार, छात्रवृत्ति, हर घर नल का जल आदि पर सवाल उठाए गए हैं। राजद ने अपने पोस्टर में राज्य सरकार की घोषणाओं को झूठ की टोकरी की संज्ञा दी है।

जंगलराज 15 वर्ष बनाम सुशासन 15 वर्ष : जदयू 
जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने राजद के पोस्टर पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राजद का 15 वर्षों का शासन जनगलराज का था, जबकि नीतीश कुमार का शासन सुशासन और विकास का है। श्री निषाद ने कहा कि लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के राज में बिहार नरसंहारों से रक्तरंजित रहा। अदालत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि लालू-राबड़ी राज में बिहार में शासन व्यवस्था नाम की कोई चीज नही हैं। नेताओं, अपराधियों एवं नौकरशाहों की मिलिभगत से लालू-राबड़ी राज में अपहरण एवं फिरौती उद्योग बन गया था। सुशासन के तहत जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आवेदकों के मामलो को निपटाया गया। तालीमी मरकज, उत्प्रेरण केन्द्रों के माध्यम से लाखों बच्चों को स्कूलो में दाखिला करा कर मुख्य धारा से जोड़ा गया। बिहार में हजारों पुल-पुलियों का निर्माण किया गया। हर घर बिजली योजना समय से पहले बिहार ने पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया। 

जनता अब नहीं चाहती बिहार में जंगलराज: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय 
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार को जंगलराज दिखाने का श्रेय जिनके माथे पर है, वे अब जेल में बैठकर बयानबाजी कर रहे हैं। सूबे की जनता 15 वर्षों तक पति-पत्नी की सरकार के आतंकराज से वाकिफ है। वह अब जंगलराज नहीं चाहती है। शुक्रवार को जारी बयान में मंत्री ने कहा कि अविभाजित बिहार की स्थिति यह थी कि रोजगार तो जा ही रही थी, पलायन भी जोरों पर था। हर दिन हत्या, अपहरण, लूट और बलात्कार आम बात थी। कल-करखाने बंद हो रहे थे। अपराध और अपहरण ने कुटीर उद्योग का रूप ले लिया था। अब जबकि खुद चारा घोटाले में सजायाफ्ता हो चुके हैं फिर भी रोजगार, भ्रष्टाचार और राजनीतिक शुचिता पर उपदेश दे रहे हैं।

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