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CAA: सीलमपुर हिंसा के पीछे बांग्लादेशी मुस्लिम के हाथ होने की आशंका

 
नई दिल्ली

दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान सीलमपुर इलाके में भड़की हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की पड़ताल में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पुलिसिया सूत्रों के मुताबिक सीलमपुर में हुई हिंसा भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी मुस्लिमों ने भड़काई थी.

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि सीलमपुर में हिंसा बांग्लादेशी मुस्लिमों ने भड़काई थी. पुलिस को जानकारी मिली है कि सीलमपुर हिंसा के पीछे नागरिकता संशोधन कानून की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों का एक संगठित समूह ही था.

आपराधिक रिकॉर्ड वाले बांग्लादेशियों ने भड़काई हिंसा

जानकारी के मुताबिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले बांग्लादेशियों ने हिंसा शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हथियारों से लैस कुछ घुसपैठियों ने मास्क पहनकर राज्य की संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया. यह स्पष्ट है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम से बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुस्लिम प्रभावित होंगे क्योंकि उन्होंने भारतीय भूमि में अवैध रूप से घुसपैठ की है.

सीमापुरी दंगों में भी शामिल थे बांग्लादेशी

दिल्ली पुलिस की एसआईटी को दंगों के जांच के दौरान पता चला है कि सीमापुरी दंगों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 15 बांग्लादेशी शामिल थे. टीम अब विरोध प्रदर्शन की फंडिंग का पता लगाने की कोशिश कर रही है क्योंकि इस बात की भी गुंजाइश है कि इसमें विदेशी संलिप्तता भी निकल कर सामने आए.

सीमापुरी इलाके में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा में उपद्रवियों की भीड़ में 15 से अधिक बांग्लादेशी थे, जो अवैध रूप से यहां रह रहे थे. सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है. इस मामले में अदालत की अनुमति लेने के बाद एसआईटी तिहाड़ में गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ भी करने की तैयारी में है.

पीएफआई कार्यकर्ता भी हैं सवालों के घेरे में

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक लगभग दो दर्जन पीएफआई कार्यकर्ताओं की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. उनके मोबाइल टॉवर लोकेशन का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि जहां दंगे हुए थे उन क्षेत्रों में उनती उपस्थिति स्थापित हो सके.

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