राजनीति

करॉना वायरस पर भारत की कौन-कौन सी तैयारी, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लोकसभा में एक-एक कर गिनाए

नई दिल्ली

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोकसभा में करॉना वायरस पर अपडेट देते हुए कहा कि चीन के अलावा 27 देशों के 354 लोगों में करॉना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है जबकि चीन में अब तक 811 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के वायरस से संक्रमित होने के बाद बीमारी विकसित होने में लगभग दो सप्ताह लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 30 जनवरी को इस महामारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया। करॉना वायरस से बीमारी के लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं शामिल हैं। 10 से 20 पर्सेंट लोगों में बीमारी इतनी गंभीर हो सकती है कि वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे मामलों में मृत्यु दर लगभग 2 प्रतिशत है।

 

हर्षवर्धन ने कहा कि देश में केरल से अब तक तीन पॉजिटिव केस की रिपोर्ट आई है। ये सभी वायरस संक्रमित व्यक्ति वुहान से आए हैं। इन्हें अलग रखा गया है और अभी इनका स्वास्थ्य स्थिर है। स्वास्थ्य मंत्री ने भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सदन में विस्तृत जानकारी दी।

 

सरकार के उठाए कदम

* केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री स्थिति की प्रति दिन समीक्षा कर रहे हैं। स्थिति पर निगरानी रखने के लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह का गठन किया गया है जिसमें विदेश मंत्री, नागर विमानन मंत्री, गृह राज्य मंत्री, नौवहन राज्य मंत्री, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण राज्य मंत्री शामिल हैं। कैबिनेट सेक्रटरी ने स्वास्थ्य, रक्षा, विदेश, नागर विमानन, गृह, कपड़ा, दवाइयां, वाणिज्य आदि सभी संबंधित मंत्रालयों और राज्य के मुख्य सचिवों सहित अन्य अधिकारियों के साथ दैनिक समीक्षा की है।

* स्वास्थ्य मंत्रालय स्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहा है। राज्यों के साथ हर दूसरे दिन विडियो कॉन्फ्रेंस से बात हो रही है।

* देशभर में चीन से आने वाले सभी मामलों और ऐसे व्यक्तियों से संपर्क रखने वाले लोगों और जिन्हें बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या है, उनकी नियमित निगरानी शुरू की जा चुकी है।

* एकीकृत रोग निगरानी नेटवर्क (इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस नेटवर्क) के जरिए ऐसे सभी व्यक्तियों का पता लगाया जाता है और इस समय 29 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 9 हजार 452 यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। राज्य निगरानी अधिकारियों, जिला निगरानी अधिकारियों और हेल्थ प्रफेशनल्स की रैपिड रेस्पॉन्स टीमों द्वारा राज्य स्वास्थ्य सचिवों के नेतृत्व में दैनिक आधार पर ऐसे लोगों की निगरानी की जा रही है।

* देशभर में किसी प्रकार के प्रकोप प्रबंधन के लिए प्रत्येक स्वाथ्य केंद्र में पर्याप्त संख्या में एकांत में बिस्तर उपलब्ध करवाए गए हैं। लक्षण ग्रस्त 329 यात्रियों को एकांत वाले बिस्तरों पर रखा गया है और उनपर निगरानी रखी जा रही है।

* स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य परिचर्या केंद्रों में राज्यों को निगरानी और संपर्क, प्रवेश स्थलों पर निगरानी, लैबरटरी, सैंपल कलेक्शन, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन, क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल और संक्रमण रोकाथाम और नियंत्रण में सहायता प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

* व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पीपीई और एन95 मास्क जैसे महत्वपूर्ण मदों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इनके निर्यात को विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों एवं एन95 मास्क का बफर स्टॉक राज्यों के साथ-साथ केंद्र सरकार के पास भी होता है।

* राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे नोडल लैबरटरी है। नैदानिक नमूनों की जांच अन्य 11 लैबरटरीज में भी शुरू की जा चुकी है। इस समय 1,510 नमूनों की जांच की जा चुकी है और उनमें से 1,507 नमूने ठीक पाए गए जबकि तीन नमूने रोगवाहक पाए गए। 27 नमूनों की जांच चल रही है।

* जोखिम संप्रेषण सामग्री (रिस्क कम्यूनिकेशन मटीरियल) तैयरा की जा चुकी है और राज्यों के द्वारा इसका प्रसार किया जा रहा है। रेडियो और टीवी पर विशेषज्ञों के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय रोज प्रेस ब्रीफिंग कर रहा है और सोशल मीडिया के जरिए भी जानकारियां दी जा रही हैं।

* 27×7 कंट्रोल रूम कार्य कर रहा है जिसका नंबर 01123978046 है।

* भारत सरकार WHO कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय और देश में स्थित कार्यालय में नियमित संपर्क बनाया हुआ है।

* विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को सभी एयरपोर्ट्स पर प्रभावी जांच और संबंधित अस्पतालों में एकांत में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है।

* चीन से आने वाले यात्रियों और कार्मिक दल की पहचान करने और उनमें लक्षण पाए जाने के मामले में अलग करने के लिए देश के 12 समुद्री पत्तनों और सभी छोटे पत्तनों पर भी यात्रियों की जांच शुरू की गई है।

* नेपाल में पुष्ट मामलों के आलोक में सरकार ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, प. बंगाल, सिक्किम और बिहार तथा सीमा सशस्त्र बल और लैंड पोर्ट अथॉरिटी के कोऑर्डिनेशन में लगे नेपाल से लगे सभी चेकपोस्टों पर जांच शुरू की है। नेपाल से लगे सीमावर्ती गांवों में पंचायती राज्य मंत्रालय के सहयोग से ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया है ताकि लोगों में इस रोग के प्रति जागरूकता पैदा की जा सके और सावधानी बरती जा सके।

* भारतीय दूतावास और कॉन्स्युलेट्स चीन के अन्य भागों में भारतीय समुदाय के साथ नियमित रूप से संपर्क बनाए हुए हैं। उनके स्वास्थ्य की निरंतर जानकारी रख रहे हैं।

 

क्या किया जा चुका है

* यात्रा संबंधी पहली अडवाइजरी 17 जनवरी को जारी की गई थी। स्थिति गंभीर होते ही अडवाइजरी में संशोधन किया जा रहा है। वर्तमान में चीन से आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक का वर्तमान वीजा, जिसमें पूर्व में जारी वीजा शामिल है, को अमान्य कर दिया गया है। भारत में दौरे के लिए विवश लोगों को पेइचिंग, गुआंगजो या शंघाई में भारतीय दूतावासों से संपर्क साधने को कहा गया है। भारतीय नागरिकों को चीन की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। अब से चीन से लौटने वालों का क्वारैंटाइन किया जाएगा।

* 18 जनवरी से यात्रियों की जांच की शुरुआत की गई थी। शुरू में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, कोच्ची और हैदराबाद हवाई अड्डे को कवर किया गया था। उसके बाद 21 हवाई अड्डों में जांच का विस्तार किया गया। हॉन्ग कॉन्ग और चीन के अलावा सिंगापुर और थाइलैंड से आने वाले सभी फ्लाइटों के लिए यूनिवर्सल थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। इन फ्लाइट्स की जांच सुलभ बनाने के लिए निर्धारित एयरोब्रिज में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हवाई अड्डों और पत्तनों में प्रमुख स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं। हवाई जहाज में घोषणाएं की जा रही हैं। सभी यात्रियों द्वारा स्वघोषणा के प्रपत्र (सेल्फ अनाउंसमेंट डॉक्युमेंट) भरे जा रहे हैं। अब तक कुल 1 लाख 97 हजार 192 यात्रियों वाली कुल 1,818 उड़ानों का जांच की गई है।

* चीन के हुबेई प्रांत में निरंतर बंद को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने वुहान और हुबेई प्रांत के नजदीकी शहरों में कार्यरत भारतीय छात्रों एवं अन्य पेशेवरों को निकालने का निर्णय लिया है। नागर विमानन मंत्रालय, एयर इंडिया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ समन्वित अभियान के तहत 31 जनवरी और 1 फरवरी को दिल्ली और वुहान के बीच दो विशेष एयर इंडिया विमान भेजे गए। इनमें कुल 654 यात्रियों को वापस लाया गया। इनमें 647 भारतीय नागरिक, खाली कराने वाले ऑपरेशन में शामिल वुहान से भारतीय दूतावास के दो कार्मिक हैं। साथ ही, मालदीव के 7 नागरिकों को भी एयर इंडिया के विमान में लाया गया।

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