मध्य प्रदेश

रेत ठेकों का मूल रिकॉर्ड आज पेश करेगी सरकार, उधर छिंदवाड़ा में अभी तक जारी नहीं हुई LOI

जबलपुर
राज्य सरकार के खनिज साधन विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए सीधी-सिंगरौली के रेत ठेकेदारों की याचिका पर आज सुनवाई होना है। ठेकेदारों का आरोप है कि सरकार स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर उनका टेंडर निरस्त कर सेकंड पार्टी को आॅफर देना चाहती है।

पटना के आदित्य मल्टीकॉम द्वारा 52 करोड़ में लिया गया टेंडर अब आरके ट्रांसपोर्टर्स को दिया जा रहा है। इसमें सरकार को खुद ही 16 करोड़ का नुकसान होगा जो जीएसटी तथा रॉयल्टी जोड़ कर और बढ़ जाएगा।  पिछली सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजयकुमार शुक्ल की डिवीजन बेंच ने सरकार को इन टेंडर्स का मूल रिकॉर्ड पेश करने कहते हुए आज 11 फरवरी की तारीख तय कर दी थी। मामले पर याचिकाकर्ताओं के वकील समदर्शी तिवारी हैं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि सरकार रिकॉर्ड पेश कर रही है। प्र्रकरण आज 22 नंबर पर लगा हुआ है।

उधर छिंदवाड़ा में 27 करोड़ 27 लाख में ठेका लिए बैठे नागपुर के शिशिर खंडार को आज दिनांक तक खनिज साधन विभाग एलओआई जारी नहीं कर पाया है। यहां के बारे में पक्की खबर है कि मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप जम कर है। मुख्यमंत्री का गृह जिला होना और ठेकेदार का भाजपाई कनेक्शन जैसा हल्ला यहां के बारे में है। हालांकि खबर चल रही है कि कल सोमवार देर शाम छिंदवाड़ा के लिए एलओआई जारी हो गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामला 43 जिला समूहों में विभाजित कर नीलाम की गई रेत खदानों का है। इसके तहत खनिज साधन विभाग लैटर आॅफ इण्डेंट यानि कि प्रारंभिक अनुमति जारी करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। विगत दिनों सफल ठेकेदारों की मीटिंग प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई द्वारा डायरेक्ट भोपाल में बुलाई गई थी, लेकिन उसमें भी सीधी, सिंगरौली और छिंदवाड़ा के ठेकेदार नहीं बुलाए गए। आॅफर लैटर जारी होने के बाद भी आज दिनांक तक बहुत सारे ठेकेदार अमानत राशि जमा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में शासन को  650 करोड़ रुपए बतौर अमानत राशि मिलना थे लेकिन आज तक यह आंकड़ा 430 करोड़ रुपए  है।

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