मध्य प्रदेश

MP में वन विभाग की इस पहल से बचाई जा रही हैं लुप्त हो रहे पौधों की प्रजातियां

भोपाल
पर्यावरण (environment) के लिए लोगों को जागरूक करने और प्लांटेशन (Plantation) को बढ़ावा देने के मकसद से मध्य प्रदेश के वन विभाग ने अनोखी पहल शुरु की है. सूबे में नर्सरियों (Nurseries) को उनकी क्वालिटी के हिसाब से रैकिंग दी जा रही है. पहली बार में प्रदेश की 9 नर्सरियों को फाइव स्टार रैंकिंग मिली है. इनमें भोपाल की अहमदपुर नर्सरी भी शामिल है. इस नर्सरी में पौधों की ऐसी एक दर्जन से ज्यादा प्रजातियां सहेजी गई हैं जो लगभग लुप्त होने की कगार पर थीं. जिन लुप्त होती प्रजातियों को इन नर्सरियों में बचाया जा रहा है उनमें प्रमुख तौर पर कालाशीशम, तिन्सा, बीजा, हलदू, पाडर, अचार, भिलमा, शल्यकरणी और कारी शामिल हैं.

पौधों की अलग-अलग वैरायटी और क्वालिटी के चलते भोपाल की अहमदपुर नर्सरी से पौधे खरीदने वालों की लंबी कतार है. खास बात ये है कि इनमें युवा ज्यादा हैं. एक ऐसी ही युवा नौकरीपेशा युवती कृतिका यादव ने बताया कि नर्सरी में न केवल अच्छे पौधे हैं बल्कि ये बाजार रेट से काफी कम पर हैं. हम अपने दोस्तों को गिफ्ट में देने के लिए यहां से पौधे लेने आए हैं. वहीं नर्सरी के प्रभारी रणछोड़दास अग्निहोत्री का कहना है कि नर्सरी में स्पेसिंग, शिफ्टिंग, ग्रेडिंग का काम लगातार जारी रहता है. हमने विलुप्त प्रजाति के पौधे तैयार किए हैं. हम पूरी तरीके से पौधे संरक्षण के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके नतीजे बेहतर आ रहे हैं.

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