विश्व

गलवान में मारे गये 4 चीनी सैनिक: चीन

बीजिंग
गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से बुरी तरह से पिटने की बात पहली बार आधिकारिक तौर पर चीन ने कबूल कर ली है। चीन ने खुलासा करते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में उसके चार सैनिक मारे गये थे। हालांकि, कई महीने बाद चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात तो जरूर चीन ने कबूली है लेकिन सही संख्या को लेकर अब भी चीन झूठ बोल रहा है।
 
चीन ने खुलासा करते हुए कहा है कि पिछले साल गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में उसके चार सैनिक मारे गये तो एक सैनिक घायल भी हुआ है। चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी यानि PLA ने आधिकारिक खुलासा करते हुए कहा है कि उसके चार सैनिक गलवान घाटी में मारे गये थे और एक सैनिक घायल हुआ था। इसके साथ ही अपनी पिटाई से पल्ला झाड़ने के लिए चीन ने भारतीय सैनिकों पर समझौते का उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। हालांकि, भारत लगातार कहता आया है कि गलवान घाटी हिंसक झड़प में चीन के 45 से ज्यादा सैनिक मारे गये थे वहीं रूसी खुफिया एजेंसी ने भी दावा किया था कि भारतीय सैनिको के साथ संघर्ष में उसके 45 सैनिक मारे गये थे।

 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था और अब जाकर चीन ने अपने सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। चीन ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने मारे गये सैनिकों के नाम भी बताए हैं। चीनी वीडियो में चार सैनिकों का नाम लिया गया है जिनके नाम चेन शियांगरोंग, चेन होंगजून, शियाओ सियुआन, वांग झुओरान हैं। चीनी वीडियो में कहा गया है कि देश की संप्रभुता की खातिर इन्होंने जान दी है। मगर सवाल ये उठ रहे हैं कि करीब 8 महीने बाद जाकर अपने सैनिकों को श्रद्धांजलि देने वाला चीन मारे गये सैनिकों की सही संख्या आखिर अब भी क्यों नहीं बता रहा है?

 गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहले दिन से भारत का दावा रहा है कि हिंसक झड़प में 45 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गये थे वहीं अमेरिका की एक एजेंसी ने भी कई चीनी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था और रूस की खुफिया एजेंसी ने ताश ने भी खुलासा किया था कि गलवान घाटी झड़प के बाद चीन के 45 सैनिक मारे गये थे। इतना ही नहीं, गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक में चीन ने पांच सैनिकों के ंमारे जाने की बात कबूली थी लेकिन श्रद्दांजलि वीडियो में चीन ने सिर्फ 4 सैनिकों के ही नाम का खुलासा किया है, जिसके बाद फिर से चीनी झूठ जगजाहिर होती दिख रही है। वहीं, चीन ने अपने मारे गये सैनिकों के नाम का खुलासा तब किया है जब पैंगोंग झील से चीन और भारतीय सैनिकों के बीच पहली बार तनाव कम हुआ है।

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