मध्य प्रदेश

कोविड-19 संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिये सरकार द्वारा उठाये प्रभावी कदम

भोपाल
राज्य सरकार द्वारा कोरोना के नियंत्रण और उपचार की व्यवस्थाओं के लिये प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की जाँच से लेकर मरीजों को सु-व्यवस्थित उपचार देने आवश्यक संसाधनों को जुटाने के साथ जीवन रक्षक ऑक्सीजन के इंतजाम भी युद्ध स्तर पर किये जा रहे हैं। व्यवस्थाओं की प्रतिदिन मॉनीटरिंग भी अलग-अलग स्तर पर की जा रही है। राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में अनेक नवाचार कर जनहित में उपचार की व्यवस्थाओं में भी बढ़ोत्तरी की है।

कोरोना जाँच
20 अप्रैल को रिकार्ड 54 हजार 548 टेस्ट प्रदेशभर में किये गये, जो अब तक की सर्वाधिक टेस्ट संख्या है। टेस्ट का पॉजिटिविटी रेट 24.76 प्रतिशत से घटकर 24.02 प्रतिशत हुआ।

होम आइसोलेट मरीजों से सम्पर्क
प्रदेश में 41 हजार 200 से अधिक रोगी वर्तमान में होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से 96 प्रतिशत मरीजों को कम से कम एक बार कॉल करके सम्पर्क किया गया है। प्रत्येक होम आइसोलेटेड मरीज को मेडिकल किट की होम डिलेवरी की जा रही है।

136 कोविड केयर सेंटर
अब तक प्रदेश के सभी 52 जिलों में 136 कोविड केयर सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। इनमें 8 हजार 181 बिस्तरों की संख्या है। प्रत्येक कोविड केयर सेंटर पर बेड्स, पानी, भोजन, दवाई, मेडिकल स्टॉफ, संगीत, योग, ध्यान आदि व्यवस्थाएँ भी की जा रही हैं।

बढ़ाए गये बिस्तर
प्रदेश के शासकीय और अशासकीय चिकित्सा केन्द्रों में बिस्तरों की संख्या में लगातार इजाफा किया जा रहा है। वर्तमान में 45 हजार 729 बेड्स उपलब्ध हैं। पिछले 20 दिनों में 25 हजार 570 बेड्स बढ़ाये गये हैं।

सी.टी. स्केन मशीन
प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्केन और एमआरआई मशीनों को लगाने का अनुबंध किया गया है। ये मशीनें शीघ्र स्थापित की जा रही हैं।

350 वेंटीलेटर
भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को 350 से अधिक वेंटीलेटर प्राप्त हुए। इन्हें आवश्यकतानुसार जिलों को भेजा गया है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन
8 अप्रैल से अब तक सरकारी सप्लाई और निजी क्षेत्र से लगभग एक लाख 33 हजार 900 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए। सरकारी सप्लाई के ऑर्डर किये गये 50 हजार डोज में से 35 हजार डोज 23 एवं 24 अप्रैल को मायलान कम्पनी से प्राप्त हो जायेंगे।

ऑक्सीजन की व्यवस्था
प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में 7 हजार बेड्स के लिये ऑक्सीजन पाइप-लाइन बिछाई जा रही है। ये काम लगभग एक सप्ताह में पूरा होगा। ऑक्सीजन उपलब्धता 20 अप्रैल को 398 मीट्रिक टन हुई, वास्तविक खपत 382 मीट्रिक रही। मंगलवार को 405 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। कौंसिल ऑफ साइंटिफिक एण्ड इण्डस्ट्रियल रिसर्च, भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्था के माध्यम से प्रदेश के 5 जिला चिकित्सालयों भोपाल, रीवा, इंदौर, ग्वालियर और शहडोल में नवीनतम VPSA तकनीक आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाये जा रहे हैं। इनमें से 300 से 400 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट बनेगी। प्रदेश के 37 जिलों में 37 नये PSA ऑक्सीजन यूनिट्स लगाये जा रहे हैं। चार जिलों में ऑक्सीजन यूनिट ने काम शुरू कर दिया है।

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