छत्तीसगढ़

ब्लैक फंगस की सर्जरी -सरकारी अस्पताल में फ्री में अपनी सेवाएं देने तैयार हैं आईएमए के डॉक्टर्स

रायपुर
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की संख्या घटी है मगर इसकी वजह से लोगों को हो रही नई बीमारी ब्लैक फंगस के केस बढ़ रहे हैं। इस नई मुसीबत से लडऩे के लिए डॉक्टर्स तैयार हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक पत्र भेजा है। इसमें डॉक्टर्स ने प्रदेश में बढ़ रहे ब्लैक फंगस के मामलों की वजह से सरकार की मदद करने की ठानी है। डॉक्टर्स की टीम ने एलान किया है कि अगर सरकार चाहे तो वो फ्री में अपनी सेवा सरकारी अस्पताल में देंगे। मरीज की सर्जरी और उनके इलाज में सरकारी डॉक्टर्स की मदद करेंगे। इसे लेकर आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से बात की है। सरकार की तरफ से फिल्हाल डॉक्टर्स को जवाब नहीं मिला है।

ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ महेश सिन्हा और रायपुर ब्रांच के अध्यक्ष डॉ विकास अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ शाखा ने अपने सदस्यों द्वारा शासकीय अस्पतालों में अपनी सेवाएं देने की सहमति दी है। ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर अधिक समय देकर आॅपरेशन कर रहे हैं, मगर मरीज बढ़ रहे हैं।

ऐसे समय पर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके इसलिए आईएमए की तरफ से डॉक्टर राकेश गुप्ता, डॉक्टर सुनील, डॉक्टर दिग्विजय सिंह, डॉक्टर मयूरेश वर्मा, डॉक्टर अनिल जैन, डॉक्टर नीलेश भट्ट, डॉक्टर गौरव अहलूवालिया, डॉक्टर मिथिलेश शर्मा, डॉक्टर शैलेंद्र केसरवानी बिना वेतन लिए काम करने तैयार हैं। ये डॉक्टर्स सरकारी अस्पताल में बिना किसी वेतन के ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज करेंगे।

छत्तीसगढ़ में डेढ़ महीने में 276 लोगों को ब्लैक फंगस ने अपनी चपेट में लिया है। इनमें 232 एक्टिव केस हैं। इनमें से 28 लोगों की मौत हो चुकी है।16 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। 17 ऐसे लोग हैं जिन्हें जिनकी मौत सिर्फ ब्लैक फंगस की वजह से हुई, 11 ऐसे मरीज थे जिन्हें दूसरी बीमारियां थी और उनकी जान नहीं बच सकी।

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