विश्व

शोध-उत्पादन पर 250 अरब डॉलर खर्च करेगा अमेरिका: राष्ट्रपति जो बाइडन

वाशिंगटन
तकनीक में तेजी से कदम बढ़ा रहे चीन के खिलाफ प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिकियों सीनेट एक महत्वपूर्ण आर्थिक पैकेज वाले विधेयक को पारित कर दिया है। इसके तहत अमेरिका शोध और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 250 अरब डॉलर खर्च करेगा।

इस चीन विरोध विधेयक को अमेरिकी संसद के उच्च सदन ने 32 के मुकाबले 68 मतों से पारित किया। प्रतिनिधि सभा पारित होने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन के दस्तखत होते ही पैकेज लागू हो जाएगा।

प्रस्ताव के तहत तकनीकी अनुसंधान में सुधार लाने के लिए 190 अरब डॉलर और सेमीकंडक्टर व दूरसंचार उपकरण के शोध-उत्पादन के लिए 54 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है। इसमें दो अरब डॉलर विशेष तौर पर वाहन निर्माण में काम आने वाली चिप के लिए रखे गए हैं। कोरोना काल में चिप निर्माण में भारी कमी देखी गई है।

बिल के समर्थक सीनेटरों का कहना है कि यह अमेरिकी इतिहास में वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अब तक के बड़े विधेयकों में से एक है। सीनेट में बहुमत दल के नेता चक शुमर ने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि इस कानून के बनने के बाद अमेरिका न सिर्फ अनुसंधानों बल्कि उत्पादन में भी काफी आगे जाएगा।

चीन के खिलाफ दौड़ में बने रहने के लिए अनुसंधान में निवेश को जरूरी बताया। साथ ही कहा, अगर हमने आज कुछ नहीं किया तो महाशक्ति के रुप में अमेरिका का प्रभुत्व खत्म हो सकता है।

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