उत्तर प्रदेश

वाराणसी में 80 मीटर की ऊंचाई से सैलानी देख सकेंगे दिव्य काशी का नजारा

वाराणसी
प्राचीन और नवीन काशी का अद्भुत नजारा अब आसमान में खड़े होकर महसूस कर पाएंगे। उत्तर प्रदेश का पहला स्काई वॉक बनारस में बनाने की तैयारी है और उस रोमांचक गलियारे से बाबा विश्वनाथ की पूरी काशी दिखेगी। कमिश्नरी परिसर में प्रस्तावित परियोजना में पूर्वांचल की सबसे ऊंची दो इमारतों के बीच ग्लास (कांच) के बेस का गलियारा बनेगा। दुनिया भर से आने वाले सैलानी इस कांच के बेस पर चलकर आसमान से दिव्य काशी को देख सकेंगे और खुद के आसमान में खड़े होने का अनुभव भी कर पाएंगे।

कमिश्नरी सभागार में प्रस्तावित भूतल सहित 18 मंजिला दो इमारतों की छत के बीच स्काई वॉक बनाया जाएगा। करीब 100 फीट लंबा और छह फीट चौड़ा ग्लास स्काई वॉक पर एक साथ 25 से 30 लोग चहलकदमी कर पाएंगे। इसके फर्श में मजबूत पारदर्शी शीशा लगाया जाएगा और इस पर खड़े होने वाले को महसूस होगा कि वह बिना किसी आधार के हवा में खड़ा है।

80 मीटर ऊंचाई पर बनने वाले इस स्काई वॉक से पूरा शहर दिखेगा और छत पर दूरबीन की भी व्यवस्था होगी। इससे शहर के स्थलों को ऊंचाई से देखा जा सकेगा।

यहां बता दें कि आयुक्त कार्यालय में 6.44 एकड़ में एकीकृत मंडलीय कार्यालय प्रस्तावित है। भूतल और 18 मंजिला दो इमारतें पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएंगी और इसमें करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। माना जा रहा है कि जुलाई में इस परियोजना का डीपीआर तैयार हो जाएगा और टेंडर के 18 महीने में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

डमरू के आकार को दर्शाने वाली इस दो बहुमंजिली इमारत की परियोजना को पूरी तरह से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाया जाएगा। इसमें एक बिल्डिंग को सरकारी कार्यालय के लिए उपयोग किया जाएगा और दूसरी बिल्डिंग निर्माण करने वाली एजेंसी को मिलेगी। इसमें होटल, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, सहित अन्य तरह की गतिविधियों से इस परियोजना की लागत निकाली जा सकेगी।

 मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि  एकीकृत मंडलीय कार्यालय की दो इमारतों के बीच स्काई वॉक बनाया जाएगा। इस रोमांचक गलियारे में काशी आने वाले सैलानी आसमान में खड़े होने के अनुभव के साथ काशी दर्शन कर पाएंगे। जुलाई तक इसका डीपीआर बन जाएगा और टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

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