मध्य प्रदेश

सीजन में पहली बार तवा डैम के 5 गेट खुले, 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया

नर्मदापुरम

होशंगाबाद समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। होशंगाबाद, पचमढ़ी और बैतूल क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। इसका असर हुआ कि 3 माह बाद सीजन में पहली बार तवा डैम के 5 गेट 5 फीट तक बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे खोले गए। इनसे 44 हजार 65 क्यूसेक पानी छोड़ा जा है। इसकी वजह से नर्मदा का जलस्तर बढ़ने लगा है। तवा डैम का जलस्तर सीजन में पहली बार अधिकतम जलस्तर 1166 फीट के करीब पहुंचा है। पिछले साल से 24 दिन देरी से बुधवार को डैम के 5 गेट खोले गए। डैम में 13 गेट हैं।

भारी बारिश का ऑरेंट अलर्ट जारी है....
मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में संभाग के तीनों जिलों होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और गरज के साथ बिजली चमकने-गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है। जिले में बीती रात में तेज हवा और बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने से 15 घंटे बिजली सप्लाई ठप्प रही। मंगलवार सुबह नर्मदा पेयजल की भी सप्लाई भी प्रभावित रही। शहर-आसपास के ग्रामीण इलाकों में 8 से अधिक फीडरों में फॉल्ट आया था, जिसे देर रात से लेकर सुबह तक बिजली विभाग की तकनीकी टीमों ने दुरस्त किया।

बारिश का कुल आंकड़ा 915 मिमी से ऊपर पहुंचा
जिले में सीजन की औसतन बारिश का आंकड़ा 915 मिमी से ऊपर पहुंच गया है। बीते साल से अभी भी आंकड़ा 342.9 मिमी अभी कम है। इधर- रातभर की बारिश के बाद तवा डैम अपने गवर्निंग लेबल 1165 फीट को पार गया। बता दें कि 15 सितंबर तक की स्थिति में डैम में पानी का गवर्निंग लेबल 1165 होता है और वर्तमान में यह इसके पार कर मंगलवार शाम को जलस्तर 1165.40 फीट पर पहुंच गया है। डैम में 98 फीसदी पानी का भराव हो चुका है। तवा डैम से एचईजी पॉवर प्लांट को बिजली बनाने के लिए 3500 क्यूसिक पानी देना शुरू हो गया है।

पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश के कई जिलों में मंगलवार पूरी रात बारिश हुई। कैंचमेंट क्षेत्र बैतूल और पचमढ़ी क्षेत्रों में अच्छी बारिश की वजह से तवा डैम में जलस्तर बढ़ा। इससे तवा डैम के खोले गए है। पिछले साल 22 अगस्त को पहली बार तवा बांध के 5 गेट खोले गए थे। इस बार 24 दिन से 15 सितंबर बुधवार को गेट खोले गए। इधर तवा का पानी आने से होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। नर्मदा नदी का जलस्तर 937 फीट पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 31 फीट नीचे है।

अलर्ट… डैम के निचले क्षेत्र में न जाएं
तवा डैम में जलस्तर की बढ़ोतरी को देखते हुए तवा बांध परियोजना विभाग ने 6 दिन पहले ही अलर्ट जारी किया था। कार्यपालन यंत्री आईडी कुमरे ने कहा सभी जगह बारिश हो रही है। मंगलवार रात को होशंगाबाद समेत डैम के कैचमेंट एरिये पचमढ़ी और बैतूल में भी अधिक बारिश हुई। जिससे तवा डैम का जलस्तर 1166 फीट के अधिकतम लेवल के करीब पहुंच गया। साढ़े 5 बजे 5 गेटों को 5 फीट तक खोले गए।

बारना और बरगी डैमों की यह है स्थिति :

    बारना डैम: बारना डैम में जलस्तर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। 6 दिन में केवल सवा फीट बढ़ा है। 10 सितंबर को जलस्तर 1137 फीट था। 15 सितंबर को 1138 फीट हो गया। दो दिन से बढ़ोतरी हो रही। 13 सितंबर को 1127 फीट था, बुधवार को पानी बढ़ा। कैचमेंट एरिए में कम बारिश की वजह से यह स्थिति बनी है।

    बरगी डैम: नर्मदा के उद्गम क्षेत्र व बरगी डैम के ऊपरी क्षेत्र में बारिश कम हो रही। इस वजह से धीमी गति से बरगी का जलस्तर बढ़ रहा। 5 दिन में लगभग दो फीट डैम में पानी बढ़ा है। मंगलवार को सुबह 1382 फीट जलस्तर से था। बुधवार सुबह तक एक फीट बढ़कर 1383 हो गया है। बरगी डैम से एक बार भी पानी नहीं छोड़ा गया है।
    नर्मदा नदी (सेठानी घाट): होशंगाबाद में नर्मदा नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। पिछले 2 दिन में आधे फीट पानी की बढ़ोतरी हुई। 937 फीट जलस्तर पहुंच गया। नर्मदा में जलस्तर बढ़ने से एक फीट ऊंची लहरें उठ रही है। नर्मदा खतरे का निशान 967 फीट है।

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