उत्तर प्रदेश

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से यूपी के हजारों युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद जगी

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि कट ऑफ डेट के बाद ‘ओ’ लेवल कंप्यूटर प्रमाणपत्र हासिल करने वाले उम्मीदवारों को भी समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की चयन प्रक्रिया में बैठने की अनुमति दी जाए। यह परीक्षा दिसंबर 2021 को होनी है। कोर्ट के इस आदेश से प्रदेश के हजारों युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद जगी है।

जस्टिस अजय रस्तोगी और अभय एस ओका की पीठ ने यह अदेश पंकज तिवारी और अन्य की विशेष अनुमति याचिका पर दिया है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 26 अगस्त 2012 के आदेश का शीर्ष अदालत में वकील शशांक सिंह के जरिए चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि आवेदन करने की कट ऑफ डेट 8 अप्रैल 2021 के बाद ‘ओ’ लेवल की कंप्यूटर योग्यता हासिल करने वाले उम्मीदवार परीक्षा में बैठने के हकदार नहीं है।

इस याचिका पर कोर्ट ने यूपी सरकार और लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कोर्ट ने उस समय मौखिक टिप्पणी की थी और कहा था कि यदि कोई एक योग्यता चयन परीक्षा से पहले हासिल हो रही है तो इसमे उन्हें कोई समस्या नहीं दिखती। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के वकील श्रीशकुमार मिश्रा पेश हुए और उन्होंने कहा कि आयोग ऐसे लोगों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे रहा है जिन्होंने मई माह में ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र लिया है और वे अन्य रूप से योग्य हैं। शीर्ष कोर्ट ने मिश्रा के बयान को रिकॉर्ड पर लेकर एसएलपी का निस्तारण कर दिया।

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