स्वास्थ्य

अब से ओपन पोर्स होंगे टाइट , जानिए डॉक्टर की सलाह

    ओपन पोर्स ना सिर्फ खूबसूरती को खराब करने का काम करते हैं बल्कि यह कील-मुंहासों का भी कारण बनते हैं। बढ़ती उम्र में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। ओपन पोर्स होने के पीछे कई वजहें होती हैं। जेनेटिक्स, तनाव, अनहेल्दी लाइफस्टाइल आदि वजहें इसमें शामिल हैं। वहीं यह समस्या ऑयली स्किन पर अधिक देखने को मिलती है। साथ ही, एक बार हो जाने के बाद यह बढ़ते चले जाते हैं, जिसकी वजह से त्वचा डल दिखने लगती है। वहीं कई लोग इससे छुटकारा पाने के लिए केमिकल युक्त प्रोडक्ट और घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, लेकिन उससे पहले यह समझना होगा कि इसे पूरी तरीके से कम नहीं किया जा सकता।
    डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल के अनुसार, ओपन पोर्स पूरी तरह से गायब नहीं होते, लेकिन इसे कम जरूर किया जा सकता है। आंचल ने बताया कि यह त्वचा की सामान्य शारीरिक रचनाओं में से एक है, ऐसे में इसे स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर इसके लिए कुछ टिप्स शेयर की हैं। जिसकी मदद से इसे कम किया जा सकता है। रोजाना इन टिप्स को फॉलो करने से कुछ समय बाद आपको फर्क नजर आने लगेगा।

​रेटिनॉल या ट्रेटिनोइन युक्त प्रोडक्ट

आज कल रेटिनॉल और ट्रेटिनोइन दोनों ही स्किन केयर के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। यह बढ़ती उम्र में होने वाली कई समस्याओं के लिए लाभकारी माने जाते हैं। डॉक्टर आंचल बताती है कि यह ओपन पोर्स को धीरे-धीरे कम करता है, लेकिन आपको इसे लगाते रहना है। ये त्वचा में कोलेजन के निर्माण में मदद करते हैं, जो बड़े होने वाले रोम छिद्रों के परिवर्तनों को कम करेगा। इसके अलावा सनस्क्रीन भी कोलेजन ब्रेकडाउन को कम करती है और ओपन पोर्स बढ़ने से रोकती है।

​माइल्ड एक्सफोलिएशन की प्रक्रिया

अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो हफ्ते में 2 या 3 बार एक्सफोलिएट जरूर करें। केराटिन का निर्माण छिद्रों को अधिक प्रमुख बना सकता है। इसके लिए रात में सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड या फिर लैक्टिक एसिड युक्त प्रोडक्ट प्रभावित जगहों पर अप्लाई करें। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है और ओपन पोर्स और ब्लैकहेड्स की समस्या भी है तो सैलिसिलिक एसिड दिन में दो बार इस्तेमाल कर

​ओपन पोर्स के लिए विटामिन सी का उपयोग

ओपन पोर्स को कम करने के लिए अपने स्किन केयर रूटीन में उन्हीं प्रोडक्ट को शामिल करें, जो इसके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। इसके लिए विटामिन सी, नियासिनमाइड, ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं, ये खुले रोम छिद्रों को कम करने में मदद करेंगे।

​फेस पर अप्लाई करें मॉइश्चराइजर

स्किन केयर रूटीन का मुख्य हिस्सा होता है मॉइश्चराइजर, जिसका इस्तेमाल रोजाना किया जाता है। वहीं जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर और ऑयल फ्री मॉइश्चराइजर, जिसमें हयालूरोनिक एसिड और सेरामाइड्स होते हैं, यह त्वचा के बैरियर को बनाए रखने और ओपन पोर्स को कम दिखाने में मदद करते हैं।

​ओपन पोर्स के लिए क्लीनिकल उपचार

ओपन पोर्स को कम करने के लिए क्लीनिकल उपचार का भी सहारा लिया जा सकता है। इसके लिए माइक्रोनीडलिंग आरएफ, फ्रैक्शनल सीओ टू लेजर, माइक्रोनीडलिंग, माइक्रोडर्मबरसन आदि उपचार ओपन पोर्स को कम करने में मदद करते हैं। हालांकि, कौन सा तरीका बेस्ट हो सकता है, यह सब कुछ प्रभावित क्षेत्र और ओपन पोर्स को देखने के बाद ही तय किया जाता है।

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