स्वास्थ्य

शहतूत है डायबिटीज वालों के लिए वरदान , ऐसे करे इस्तेमाल

डायबिटीज (Diabetes) एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है और यह बीमारी दुनियाभर में तेजी से फैल रही है। अगर बात करें भारत की तो इसे डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है क्योंकि यहां यह बीमारी सबसे ज्यादा तेज फैल रही है। जीवनशैली से जुड़ी इस बीमारी में मरीज का ब्लड शुगर (Blood Sugar) बढ़ने लगता है, जिससे प्यास बढ़ना, बार-बार पेशाब आना, उल्टी, सांस की कमी पेट दर्द और मुंह पर सूखापन जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा होता है।

डायबिटीज में मरीज का अग्नाशय इंसुलिन हार्मोन को बनाना बंद कर देता है या बहुत कम बनाता है। इंसुलिन खून में शुगर को कंट्रोल करने वाला हार्मोन है। जाहिर है जब इसका लेवल बढ़ता है, तो कई गंभीर बीमारियों का भी जोखिम बढ़ता है।

डायबिटीज में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है। इसके लिए एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट की सलाह दी जाती है। ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कई खाद्य पदार्थ हैं जिनमें शहतूत भी है। एनसीबीआई (NCBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, शहतूत में डायबिटीज को कंट्रोल करने की क्षमता होती है, चलिए जानते हैं कैसे-
शहतूत क्या है?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि शहतूत क्या है? यह एक तरह का फल होता है, जो ग्रामीण इलाकों में आसानी से उपलब्ध हो सकता है। इसका बड़ा पेड़ होता है और इस पर लाल और सफेद रंग के शहतूत आते हैं। यह फल स्वाद में खट्टा-मीठा और रसीला होता है। ऐसा माना जाता है कि शहतूत खाने से डायबिटीज सहित कई बीमारियों से बचने में इलाज मिल सकती है।

शहतूत के पोषक तत्त्व

सफेद शहतूत फल फाइबर, विटामिन सी और आयरन सहित कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, आयरन, कैल्शियम और विटामिन ए जैसे तत्व भी भारी मात्रा में पाए जाते हैं।

ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि सफेद शहतूत कई स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा हो सकता है। शोध से पता चलता है कि यह कैंसर कोशिका वृद्धि को रोकने के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद कर सकता है।

डायबिटीज कैसे कंट्रोल करता है शहतूत

टाइप 2 डायबिटीज वाले 24 लोगों में एक छोटे से अध्ययन में पाया गया कि 1,000 मिलीग्राम शहतूत के पत्ते के अर्क का 3 महीने तक रोजाना 3 बार सेवन करने से भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल काफी कम हो गया। इसने हीमोग्लोबिन A1C के लेवल में भी सुधार किया, जो कि ब्लड शुगर बढ़ने का बड़ा कारण है।

शहतूत के पत्ते भी हैं असरदार

एक अन्य अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों को 12 हफ्ते तक शहतूत की पत्ती का रस दिया गया था, उनमें ब्लड शुगर लेवल में काफी सुधार देखने को मिला था। एक पशु अध्ययन में यह भी पाया गया कि चूहों को शहतूत के पत्ते देने से उनमें अग्न्याशय में बीटा कोशिकाओं के कार्य को बेहतर करने में मदद मिली, जो इंसुलिन उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं।

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