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अंबाला: पहाड़ों में हो रही बारिश और नदियों में उफान बन जाएगा मुसीबत

अंबाला
पहले से ड्राई टांगरी नदी में अचानक पानी आना शुरू हो गया। नदी के किनारे बसी 5 हजार से अधिक की आबादी के होश उड़ गए। जबकि सुबह से ही प्रशासन नदी और बंधे के बीच बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की मुनादी कराता रहा। प्रशासन की मुनादी को यहां रहने वालों ने गंभीरता से नहीं लिया, इसका नतीजा रहा कि नदी और बंधे के बीच बसी आबादी को बाढ़ के पानी से सुरक्षित रखने के लिए अवैध रूप से अस्थाई बंधा बनाया गया है जो जगह जगह टूटकर खत्म हो चुका है। अब इसके रास्ते से नदी का पानी आबादी के बीच पहुंचना शुरू हो गया। पानी घरों की तरफ आता देख महिलाओं से लेकर बच्चे परेशान हो गए। हालांकि प्रशासनिक अमला बंधों के बचाव और राहत कार्य शुरू करा दिया है, लेकिन अगर यही कार्य पहले शुरू कराया गया होता तो आज दशहत की स्थित न उत्पन्न होती।

पहाड़ी पानी को बरवाला से सुबह 10 बजे से टांगरी नदी में डिस्चार्ज किया जाने लगा। एक साथ करीब 9 हजार क्यूसेक पानी टांगरी में छोड़े जाने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी व बंधे के बीच बसी आबादी में प्रवेश करने लगा। यह देख नदी और बंधे के बीच बसी करीब 5 हजार की आबादी के रात की नींद उड़ गइ और सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की जुगत में लग गए।

अचानक पानी के बहाव से कटान का अंदेशा
टांगरी नदी के किनारे बसी आबादी को सुरक्षित करने के लिए अस्थाई बंधे बनाए गए हैं। इन बंधों के किनारे तक अचानक पानी का बहाव होने से कटान का अंदेशा है। यह देश आसपास की आबादी में खुद के साथ गृहस्थी के सामान लेकर सुरक्षित जाने

सुरक्षित शरण लेने की होने लगी मुनादी
प्रशासन की तरफ से टांगरी नदी और बंधे के बीच बसे लोगों को जगह खाली करके सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए रविवार सुबह 8 बजे से ही मुनादी कराइ जाने लगी। मुनादी सुनकर यहां रह रहे लोगों ने दो टूक में कहा कि मुनादी कराने से पहले बताना चाहिए था, अब पानी सिर पर आ गया तो मुनादी करा रहे हैं। अब पूरी गृहस्थी लेकर कहां शरण ले।

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