विश्व

चीन ने ताइवान को 6 दिशाओं से घेरा, जल-थल और आकाश से बमों की बारिश, शुरू हो चुकी है जंग?

बीजिंग
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के भोंपू अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है, कि चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने गुरुवार को बहुत बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास के दूसरे चरण की शुरूआत की है और ताइवान द्वीप को पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। ग्लोबल टाइम्स ने एक नई धमकी में कहा है, कि मंगलवार से युद्धाभ्यास के नये चरण की शुरूआती होगी और उससे पहले लगातार लाइव फायर किया जा रहा है।

एक बार फिर से कहा है, कि यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने चीन की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करते हुए ताइवान का दौरा किया। चीनी मीडिया ने दावा किया है, कि ये सैन्य अभ्यास बिल्कुल असली युद्ध की तरह ही है और ताइवान को पूरी तरह से चॉक करने की कोशिश की जा रही है। ताइवान को 6 दिशाओं से घेरा ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है, कि चीन की सेना ने ताइवान द्वीप को 6 दिशाओं, उत्तर, उत्तर पूर्व, पूर्व, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की तरफ से घेर लिया है और इन सभी तरफ से गुरुवार से रविवार दोपहर तक अभूतपूर्व सैन्य अभ्यास किया जाएगा, जिसमें लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी, एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों सहित एडवाइंस हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

 इसके साथ ही चीन ने अपने स्टील्थ फाइटर जेट्स और परमाणु ऊर्जा से संचालित होने वाले एक पनडुब्बी के साथ साथ एक एयरक्राफ्ट कैरियर भी ताइवान को घेरने के लिए इस्तेमाल कर रहा है और ये सभी सैन्य अभ्यास में शामिल हैं। ग्लोबल टाइम्स ने धमकी देते हुए कहा है, कि इस युद्धाभ्यास को ठीक उसी तरह से अंजाम दिया जा रहा है, जिस तरह से असली लड़ाई होती है और ग्लोबल टाइम्स ने कहा है, कि पीएलए की ये बल प्रदर्शन ना सिर्फ ताइवान पर कब्जा करने की क्षमता है, बल्कि किसी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए भी है।

हर टारगेट को बनाया गया निशाना
अपने सैन्य अभ्यास के बारे में जो रिपोर्ट छापी है, उसके मुताबिक गुरुवार दोपहर 12 बजे ये सैन्य अभ्यास शुरू किया गया था और PLA ईस्टर्न थिएटर कमांड ने एक प्रेस रिलीज में घोषणा की है, कि सेना ने ताइवान जलडमरूमध्य में लगभग 1:00 बजे लंबी दूरी की आर्टिलरी लाइव-फायर शूटिंग अभ्यास किया, जिसमें जलडमरूमध्य का पूर्वी भाग में विशिष्ट लक्ष्यों पर सटीक रूप से निशाना बनाया गया और अपेक्षित परिणाम प्राप्त किया गया। इसके साथ ही चीन के सोशल मीडिया पर इस सैन्य अभ्यास से संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं और ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि, ताइवान द्वीप से सिर्फ 125 किलोमीटर दूर पूर्वी चीन के फ़ुज़ियान प्रांत के पिंगटन से लंबी दूरी के रॉकेट दागे गए हैं।

 वहीं, चाइना सेंट्रल टेलीविज़न (सीसीटीवी) की आधिकारिक वीडियो रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि पीएलए में अपने लेटेस्ट लंबी दूरी तक मार करने वाले मल्टी रॉकेट सिस्टम, जिसका नाम पीएचएव-191 दिया गया है, उसका भी इस्तेमाल कर रहा है। पूरे ताइवान पर हमला करने की चेतावनी चीनी मुख्य भूमि सैन्य विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर सोंग झोंगपिंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि, इस रॉकेट सिस्टम के मार करने की क्षमता 300 किलोमीटर है, जिसे चीन की मुख्य भूमि से चलाते हुए पूरे ताइवान को कवर किया जा सकता है। सीसीटीवी ने जो एक वीडियो जारी किया है, उसमें दिख रहा है, कि चीन के अभ्यास में प्रदर्शित मिसाइल प्रकारों में से एक DF-15 है, और यह कि मिसाइलें ताइवान द्वीप के उत्तर-पूर्व, पूर्व और दक्षिण में अभ्यास क्षेत्रों में गिरा है। पर्यवेक्षकों ने कहा कि इसका मतलब है कि चीनी मुख्य भूमि से दागी गई मिसाइलों ने ताइवान द्वीप के ऊपर आसमान में उड़ान भरी है। शी ने कहा कि, सभी मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से मारा, उनकी सटीक स्ट्राइक और मार करने की क्षमताओं को साबित किया है, और लाइव-फायर प्रशिक्षण मिशन की सफलता को चिह्नित किया।

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