देश

देश में शरिया कानून लागू करना चाहते थे आतंकवादी- कर्नाटक पुलिस

बेंगलुरु
 कर्नाटक में गिरफ्तार आईएस के दो संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ में पता चला है कि, वो शरिया कानून के तहत भारत में खिलाफत स्थापित करने में मदद करना चाहते थे। कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, मुख्य आरोपी शारिक, जो फरार है और गिरफ्तार दो आरोपियों माज मुनीर और सैयद यासीन उर्फ यासीन उर्फ बैलू कर्नाटक के शिवमोग्गा के रहने वाले हैं। वों मानते थे कि भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली है, लेकिन वास्तविक स्वतंत्रता तब मिलेगी जब शरिया कानून देश में लागू होगा।

पुलिस ने कहा, आईएस इस दिशा में काम कर रहा है और जिहाद के जरिए 'काफिरों' के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है। इसी तरह गिरफ्तार किए गए आरोपी भी भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का इरादा रखते हैं और इसी वजह से उन्होंने विस्फोटक इकट्ठा किया था। कथित आतंकवादियों ने टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल किया और आईएस के आधिकारिक माध्यम 'अल-हयात' को सब्सक्राइब किया। आरोपी शारिक, जो अभी भी फरार है, उसी ने दोनों आरोपी व्यक्तियों को बम बनाने की जानकारी दी थी।

पुलिस ने कहा, अमेजन से टाइमर, रिले सर्किट खरीदे गए थे। उन्होंने 9 वोल्ट 2 बैटरी, स्विच, तार और माचिस की डिब्बी भी खरीदी थी और विस्फोटक तैयार किया था। पुलिस ने कहा, जहां भी ट्रेल ब्लास्ट हुए, आरोपियों ने भारतीय झंडे जलाए। शिवमोग्गा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी प्रसाद ने कहा कि, पुलिस ने 11 स्थानों पर छापेमारी की और 14 मोबाइल, एक डोंगल, दो लैपटॉप, एक पेन ड्राइव, बम विस्फोट स्थल पर शेष सामग्री और आधा जला हुआ भारतीय ध्वज जब्त किया।

Related Articles

Back to top button
Close
Close