क्रॉनिक माइग्रेन: रोगी 15 दिनों से लेकर 3 महीनों तक रहता है पीड़ित

क्रॉनिक माइग्रेन, तब होता है जब रोगी 15 दिनों से लेकर 3 महीनों तक इससे पीड़ित रहता है। इस समस्या को संभालना काफी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यह रोगी की शारीरिक और मानसिक सेहत को प्रभावित कर सकता है।
माइग्रेन, सिरदर्द की एक बेहद आम बीमारी में से एक है और पूरी दुनिया में 50 से कम उम्र के लोगों में न्यूरोलॉजिकल अक्षमता के प्रमुख कारणों में से एक है। भले ही काफी सारे लोग माइग्रेन और सिरदर्द जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन माइग्रेन न्यूरोलॉजिकल असामान्यताओं की वजह से होने वाला एक गंभीर सिरदर्द है, जिसमें मितली, उल्टी और आवाज तथा देखने के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण शामिल होते हैं।
यह दर्द सामान्यतौर पर सिर के एक हिस्से को प्रभावित करता है और काफी कमजोर कर देने वाला दर्द होता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि क्रॉनिक माइग्रेन के लक्षण क्या हैं और दूर करने के तरीके क्या हैं। इसके लिए हमने डॉ. राजशेखर रेड्डी, वरिष्ठ निदेशक झ्र सिरदर्द और न्यूरोमस्कुलर विकार, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत से भी बात की है।
क्रॉनिक माइग्रेन, एक पीड़ादायक सिरदर्द से कहीं ज्यादा होता है। माइग्रेन की वजह बनने वाले कुछेक कारकों में रोगी की मेडिकल हिस्ट्री, दर्द का पैटर्न और ट्रिगर्स शामिल हैं। वैसे तो क्रॉनिक माइग्रेन के लक्षण, माइग्रेन से अलग नहीं होते, लेकिन इसके गंभीर स्वरूप के लक्षणों में शामिल हैं
- माइग्रेन एपिसोड्स की संख्या और अवधि का बढ़ना
- एकतरफा दर्द के साथ स्पंदन और धड़कन वाला एहसास होना
- रोशनी के प्रति अतिसंवेदनशीलता
- दर्दनिवारक दवाओं पर अत्यधिक निर्भरता
- क्रॉनिक माइग्रेन काफी कमजोर करने वाला हो सकता है और हर दिन के कामकाज को प्रभावित कर सकता है. यूं तो क्रॉनिक माइग्रेन से जुड़ा दर्द तीव्र और असहनीय हो सकता है, लेकिन लोगों को अक्सर जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से फायदा हो सकता है।
ये है रक्षण
- तेज रोशनी से बचें।
- नींद, एक्सरसाइज करने और भोजन की दिनचर्या, बनाए रखने की कोशिश करें।
- वजन कम रखें।
- अन्य बीमारियों या सेहत से जुड़ी परेशानियों, जैसे अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, इन्सोम्निया, एंजाइटी या डिप्रेशन, का प्रबंधन करने से मदद मिल सकती है।



