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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने अपने साथ खेले डेविड वॉर्नर पर निशाना साधा, डेविड वॉर्नर को हीरो जैसी विदाई क्यों मिल रही है?

नई दिल्ली
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने अपने साथ खेले डेविड वॉर्नर पर निशाना साधा है। उन्होंने टीम के मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली को भी निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि एक ऐसे खिलाड़ी को हीरो की तरह विदाई देने का काम किया जा रहा है, जिसने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का नाम खराब किया और इतिहास की सबसे शर्मनाक बॉल टैंपरिंग का साजिशकर्ता था। डेविड वॉर्नर पाकिस्तान के खिलाफ विदाई टेस्ट सीरीज खेलने जा रहे हैं और सिडनी में जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में वे अपना आखिरी टेस्ट मैच खेलेंगे।  

डेविड वॉर्नर को 14 सदस्यीय टेस्ट टीम में चुना गया है, जो पहला टेस्ट मैच खेलेगी। निश्चित तौर पर उनको बेस्ट इलेवन में चुना जाएगा। हालांकि, पूर्व तेज गेंजबाज मिचेल जॉनसन इससे खुश नहीं हैं। रविवार को दे वेस्ट ऑस्ट्रेलिया को लिखे अपने कॉलम में जॉनसन ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि खराब फॉर्म और 2018 बॉल टैंपरिंग का हिस्सा रहे डेविड वॉर्नर को क्योंकि हीरो की तरह विदाई दी जा रही है। पिछले दो साल में टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 27 से कम है, जबकि 36 टेस्ट पारी उन्होंने खेली हैं। कुछ ही बड़ी पारी उनके बल्ले से निकली हैं।   जॉनसन ने लिखा, "पांच साल हो गए हैं और डेविड वॉर्नर को अभी भी गेंद से छेड़छाड़ कांड का सच पता नहीं चला है। अब जिस तरह से वह विदाई ले रहे हैं वह उसी अहंकार और हमारे देश के प्रति अनादर पर आधारित है। जैसा कि हम डेविड वॉर्नर की विदाई सीरीज की तैयारी कर रहे हैं, क्या कोई मुझे बता सकता है कि ऐसा क्यों? क्यों एक संघर्ष कर रहे टेस्ट ओपनर को अपने रिटायरमेंट की तारीख नोमिनेट करने दी और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े स्कैंडल में से एक के केंद्र में रहने वाले खिलाड़ी को हीरो की तरह विदाई क्यों दी जानी चाहिए?"
 
उन्होंने आगे लिखा, "वॉर्नर निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान नहीं हैं और इस मामले में कभी भी इसके हकदार नहीं हैं। वास्तव में उन्होंने अपना करियर आजीवन लीडरशिप बैन के तहत समाप्त किया। हां, उनका ओवरऑल रिकॉर्ड अच्छा है और कुछ लोग कहते हैं कि वह हमारे सबसे महान ओपनिंग बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनके पिछले तीन साल सामान्य रहे हैं, उनका बल्लेबाजी औसत इतना खराब है कि एक टेलेंडर खुश होगा।" जॉनसन का आगे कहना है कि यह दक्षिण अफ्रीका में गेंद से छेड़छाड़ का अपमान है, जिसे कई लोग कभी नहीं भूलेंगे। हालांकि, वॉर्नर सैंडपेपरगेट में अकेले नहीं थे, वह उस समय टीम के एक वरिष्ठ सदस्य थे और ऐसे व्यक्ति थे जो 'नेता' के रूप में अपनी कथित शक्ति का उपयोग करना पसंद करते थे।

जॉनसन आगे पूछते हैं, "क्या यह वास्तव में एक ऐसे खिलाड़ी को हीरो जैसा रिटायरमेंट देने की गारंटी देता है, पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी सीरीज, जिसकी भविष्यवाणी एक साल पहले ही कर दी गई थी जैसे कि वह खेल और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम से भी बड़ा हो? माना कि उन्होंने पिछली गर्मियों में एमसीजी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना दोहरा शतक बनाया था, लेकिन वे वर्षों में उनके द्वारा बनाए गया एकमात्र बड़ा स्कोरता। इस साल की एशेज सीरीज में से पहले वे 17 टेस्ट पारियों में 50 तक पहुंचने में एक बार ही सफल हुए थे।"