उत्तर प्रदेश

यूपी से दोगुना बेहतर बैंकिंग सेवाएं उत्तराखंड और दिल्ली में, कहां की क्या है स्थिति

 लखनऊ
 
भारी भरकम निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के तमाम कामों के बावजूद बैंकों का रूझान यूपी में अपनी शाखाएं बढ़ाने में अपेक्षाकृत सुस्त है। राज्य में 11392 लोगों  पर एक बैंक है। वहीं यूपी से ही कटकर अलग राज्य बने उत्तराखंड में बैकिंग सेवाएं यहां के मुकाबले दोगुनी बेहतर हैं। उत्तराखंड में  यूपी की तुलना में आधे से भी कम यानी 4742 लोगों पर एक बैंक उपलब्ध हैं। दिल्ली की स्थिति उत्तराखंड से भी बेहतर है। बिहार की स्थिति यूपी से भी खराब है वहां पर 14268 लोगों की आबादी पर एक बैंक शाखा है। शासन ने संस्थागत वित्त निदेशालय उत्तर प्रदेश द्वारा 31 मार्च 2020 तक राज्यों में बैंक की शाखाओं और 2011 की जनसंख्या के मुताबिक प्रति शाखा से कवर होने वाली आबादी के आंकड़ों पर शोध किया है।  

पिछले तीन साल में यूपी में बैंक शाखाओं से 422 लोगों का दबाव कम हुआ
इस रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में बैंकों की कुल संख्या 17539 है। 2019 के मुकाबले 2020 में बैंक शाखाओं में वृद्धि तीन फीसदी की दर से होने के साथ ही शाखाएं जो 17031 थी वह बढ़कर 17539 हो गईं हैं। वर्ष 2018 में राज्य में कुल 16913 बैंक थे। 11814 आबादी पर उस समय बैंकों की एक शाखा थी यानी तीन साल के अंदर बैंकों का जो विस्तार हुआ उससे बैंक की हर शाखा से 422 लोगों का दबाव कम हुआ। ऐसा योगी सरकार के प्रयासों के चलते और स्टेट स्तरीय बैंकर्स कमेटी की लगातार हो रही बैठकों से संभव हो सका।

 

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