छत्तीसगढ़

रेस्क्यूअर के सूझ बूझ से बचा सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति

रायपुर
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पिछले दो महीने से लगातार हो रही वर्षा के कारण सभी जगह पानी भर गया। जिसके चलते साँपों का घरों में आ जाना सामान्य बात हो गयी हैं. लेकिन इसके चलते सर्प दंश की घटनाएं भी काफी बढ़ गयी हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य लगातार बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बीती रात 1बजे कवर्धा के सर्प बचाव दल के सदस्य नीलेश सोनी को एक घर से सर्प दंश की खबर मिली।

कवर्धा के संतोष यादव पिता तीरथ राम यादव उम्र 38 साल को रात 12:30 बजे सांप ने काट लिया हैं. खबर मिलते ही नीलेश तत्काल मौके पर पहुंचे तो पाए की सांप भारत का सबसे विषैला सांप सामान्य करैत हैं. करैत का विष नाग के विष से 3-5 गुना ज्यादा प्रभावशाली होता हैं और पीड़ित व्यक्ति के तंत्रिका प्रणाली पे असर करता हैं। दल ने तत्काल उस सांप को पकड़ लिया। बताया गया की संतोष को झाड़ फूंक करने ले जाया जा रहा, जिसके बाद नीलेश ने उन्हें काफी समझाया और पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाने निवेदन किया। काफी समझाने के बाद लोगों ने और नीलेश ने पीड़ित को नजदीकी शासकीय जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती किया। हर साल अंध विश्वास के चलते कई लोग सर्प दंश से मर रहे हैं. ऐसे में लोगों को जागरूक करना और सर्प दंश का प्रबंधन करना अत्यावश्यक हैं।

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