अमेरिकन कंपनी का सिंगल टेंडर फाइनल, 144 करोड़ में जेट विमान खरीदेगी सरकार

भोपाल
प्रदेश सरकार ने अमेरिकन कंपनी टैक्सट्रान के सिंगल टेंडर को फाइनल करते हुए एक करोड़ 80 लाख डॉलर (लगभग 143 करोड़ 51 लाख 40 हजार) में नया जेट विमान साइटेशन एक्सेल जनरेशन टू खरीदने का निर्णय लिया है। वहीं राज्य सरकार के क्षतिग्रस्त बेल 430 को बेचने के लिए भी मंजूरी हो गई है। यह प्रस्ताव अब अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार का विमान बी-200 सुपरकिंग खराब पड़ा है। बेल 430 हेलीकॉप्टर भी कबाड़ हो चुका है और इसकी बिक्री भी तय हो गई है। ऐसे में विमान न होने के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य विशिष्ट अतिथियों को अभी तक किराए के विमान में घूमना पड़ रहा था। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के हवाई बेड़े में मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथियों की उड़ानों के लिए जेट विमान खरीदने का निर्णय लिया था। इसके लिए आए टेंडर में वित्तीय और तकनीकी मापदंड पूरा करने वाली सिंगल कंपनी अमेरिका की टैक्सट्रान है।
विमानन विभाग ने इस सिंगल टेंडर को फाइनल करते हुए टैक्सट्रान से एक करोड़ 85 लाख डॉलर में जेट विमान खरीदने की मंजूरी दे दी है। जेट विमान खरीदने के लिए विमानन विभाग ने दो बार टेंडर जारी किए और दो बार टेंडर की तारीखे बढ़ाई पर निजी कंपनियों द्वारा रुचि नहीं लिए जाने के कारण अब अमेरिकन कंपनी टैक्सट्रान के टेंडर को फाइनल कर दिया गया है।
यह होगी खास बाते
साइटेशन एक्सेल जनरेशन-टू विमान सात सीटर होगा और इसमें दो पायलटों के बैठने के लिए अतिरिक्त सीटें होंगी। इस विमान में डबल इंजन लगा होगा। विमान की स्पीड अन्य विमानों से अधिक होगी लेकिन इसमें लेंडिंग और टेकआॅफ का ज्यादा समय लगेगा। यह विमान प्रदेश की सभी बड़ी हवाई पट्टियों पर उतर सकेगा और कुछ हवाई पट्टियों का विस्तार इसके उतरने के लिए किया जाएगा।
2.57 करोड़ में बिकेगा बेल-430
अनुराधा पौडवाल को इंदौर ले जाते समय क्षतिग्रस्त हुए चार सीटर बेल 430 हेलीकॉप्टर को भी राज्य सरकार भोपाल की एफए इंटरप्राइजेज को 2 करोड़ 57 लाख रुपए में बेचेगी। इसका सौदा भी फाइनल हो चुका है। इसके अलावा ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हुआ सात सीटर विमान बी250 सुपरकिंग भी बेचेगी हालाकि इसके लिए कोई टेंडर अभी जारी नहीं किया गया है। बेल 430 को बेचने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाईपावर कमेटी मंजूरी दे चुकी है। जेट को खरीदी के प्रस्ताव को कमेटी के समक्ष भेजा जाना है। इसके बाद ये प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे। फिर इनकी बिक्री और खरीदी फाइनल होगी।



