आयुष विश्वविद्यालय से 19 कॉलेजों को मिली संबद्धता

गोरखपुर
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का प्रशासन अब सक्रिय हो गया है। विवि ने सूबे में आयुष से जुड़े 19 राजकीय कालेजों को संबद्धता दे दी है। इसमें आठ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, नौ होम्योपैथी कॉलेज और दो यूनानी कॉलेजों को 2021-22 के लिए संबद्धता दी है। पहले इन कॉलेजों की मान्यता अलग-अलग विश्वविद्यालयों से थी। इन कॉलेजों के लिए आयुष विश्वविद्यालय ने सीटें भी निर्धारित की हैं।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि संबद्धता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी कॉलेजों को मान्यता दी गई है। प्रदेश के सभी 107 महाविद्यालय संबद्ध किए जाएंगे। इसके लिए महाविद्यालयों को कोड, लॉगिन आईडी व पासवर्ड भेज दिए गए हैं। निजी और राजकीय महाविद्यालयों के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं। निजी महाविद्यालयों में सौ सीट पर 1.50 लाख व 60 सीट पर 1.30 लाख रुपये तथा राजकीय महाविद्यालयों में सौ सीट पर 40 हजार व 60 सीट पर 30 हजार रुपये तय किए गए हैं।
इन आयुर्वेद कॉलेजों को दी गई संबद्धता
– राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट, वाराणसी में स्नातक सीट 75 और परास्नातक सीट 38 हैं।
– श्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय हंडिया, प्रयागराज में स्नातक सीट 75 हैं।
– राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय तुलसीदास मार्ग, लखनऊ में स्नातक सीट 75 और परास्नातक सीट 49 हैं।
– राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय अंतर्रा, बांदा में स्नातक सीट 75 हैं।
– बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सा, झांसी में स्नातक सीट 75 हैं।
– एसआरएम राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बांसमंडी, बरेली में स्नातक सीट 75 हैं।
– ललितहरि राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पीलीभीत में स्नातक सीट 63 और परास्नातक सीट 08 हैं।
– स्वामी कल्याणदेव राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर में स्नातक सीट 75 हैं।



