राजस्थान को 6 नए IAS मिले, UPSC टाॅपर टीना डाबी की बहन रिया डाबी को ट्रेनिंग के लिए जिला आवंटित

जयपुर
राजस्थान सरकार ने 2021 बैच के 6 आईएएस अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए जिला आवंटित कर दिया है। राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी रिया डाबी को प्रशिक्षण के लिए अलवर जिला आवंटित किया गया है। उल्लेखनीय है कि रिया डाबी यूपीएससी टाॅपर टीना डाबी की बहन है। राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अवहद निवृत्ति सोमनाथ को बाड़मेर, गौरव बुड़ानिया को भीलवाड़ा, जुलकर प्रतीक को गंगानगर, रवि कुमार को नागौर, सांलुखे गौरव चंद्रशेखर को भरतपुर और रिया डाबी को अलवर जिला आंवटित किया गया है। टीना डाबी जैसलमेर की कलेक्टर है। टीना डाबी की छोटी बहन रिया डाबी को उन्हें अलवर में असिस्टेंट कलेक्टर एवं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के रूप में लगाया गया है। सभी को एक सितंबर को डायरेक्टर जनरल एचसीएम रीपा में रिपोर्ट करना है। टीना डाबी पिछले दिनों ही अपने विवाह के कारण चर्चा में आईं थीं।
राजस्थान को 6 नए आईएएस मिले
राजस्थान में आईएएस कैडर स्ट्रेंथ 313 का है। राज्य के 6 नए आईएएस अफसर मिले हैं। अभी तक 250 आईएएस हैं, जो अब बढ़कर 256 हो गए हैं। कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार वर्तमान में 2021 बैच में आए अफसर भी मसूरी में ट्रेनिंग में हैं, जो 19 अगस्त को वहां से रिलीव होंगे। इसके बाद 1 सितंबर को जयपुर में एचसीएम रीपा में रिपोर्ट करेंगे। राज्य के कैडर में से मौजूदा 19 अफसर फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनके अलावा दो अफसर इंद्रजीत सिंह व खुशहाल यादव विदेश में मास्टर्स डिग्री के लिए गए हुए हैं। आईएएस पूनम बिहार, एच गुइटे मणिपुर और अतहर अमीर उल शफी खान जम्मू-कश्मीर में डेपुटेशन पर हैं। राजस्थान में विभिन्न पदों पर 211 अफसर तैनात हैं। राज्य के मौजूदा 256 आईएएस में से 84 आरएएस से प्रमोट होकर आईएएस बने हैं। इनमें से 6 को जिलों की कमान सौंपी हुई है।
सीएम की पहली पंसद प्रमोटी अफसर
राजस्थान में समय-समय पर जारी तबादला सूची देखने से साफ संकेत मिलते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहली पंसद प्रमोटी अफसर रहे हैं। सीएम जिलों की कमान सौंपने में प्रमोटी अफसरों पर ज्यादा भरोसा दिखाते रहे हैं। सीधी भर्ती के आईएएस अफसरों की तुलना में अहम जिलों की कमान राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रमोट होकर आईएएस अफसरों को अहम पद दिए है। इसकी पीछे वजह यह बताई जाती है कि आरएएस अफसरों को फील्ड में काम करने का अनुभव ज्यादा रहता है। स्थानीय परिस्थितियों को ज्यादा समझते हैं।



