लुटेरी दुल्हन को पकड़ने पुलिसवाले बने बराती,दुल्हन व दलाल गिरफ्तार

सागर
जैसीनगर पुलिस ने जाल बिछाते हुए शादी के तीन दिन बाद गहने व नकदी लेकर भागने वाले एक लुटेरी दुल्हन व उसके दलाल को पकड़ा है। पुलिस ने यह कार्रवाई सागर के परेड मंदिर में की। जहां लड़की को शादी के लिए बुलाया। यहां शादी के दौरान ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके दलाल को भी गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में मुखबिर को दूल्हा बनाया गया। वहीं पुलिस वाले बराती बने।
जानकारी के मुताबिक जैसीनगर थाना क्षेत्र के सरखड़ी गांव निवासी लक्ष्मण पिता नत्थू ठाकुर ने पुलिस से 15 फरवरी को शिकायत की थी कि उनके साथ लुटेरी दुल्हन ने ठगी की। शादी के बाद ज्योति नाम की लड़की तीसरे दिन ही जेवरात और नकदी 50 हजार रुपये लेकर भाग गई है। मामले की जांच कर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था। मामले में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान लुटेरी दुल्हन की लोकेशन भोपाल में मिली। इसके बाद पुलिस ने दलाल की तलाश की। दलाल ट्रेस होते ही पुलिस ने लुटेरी दुल्हन को पकड़ने के लिए जाल बुना।
जैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर ने आरोपितों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसमें मुखबिर को दूल्हा, वहीं एएसआइ रामलखन पायक को दूल्हा का पिता बनाया। आरक्षक दुर्गेश सिलावट दूल्हे के भाई बने। एएसआइ अभिषेक पटेल को ड्राइवर बनाया गया। इसके बाद पिता बने एएसआइ पायक ने दलाल से संपर्क किया और बेटे की शादी करने की बात कही। शादी का सौदा एक लाख रुपये में पक्का हुआ। एडवांस राशि पांच हजार रुपये आरोपितों के खाते में जमा करा दिए। पांच हजार रुपये मिलते ही लुटेरी दुल्हन और दलाल को भरोसा हो गया और उन्होंने सागर के परेड मंदिर से शादी करने की बात पक्की की।
लुटेरी दुल्हन का असली नाम रजनी
गिरफ्तार लुटेरी दुल्हन का असली नाम रजनी अहिरवार (30) निवासी रहली है। उसके साथ दलाल गुड्डू पटेल निवासी रहली को भी पकड़ा गया है। पुलिस दोनों आरोपियों ने पूछताछ कर रही है। आरोपी दुल्हन वर्तमान में भोपाल में रह रही थी। मामले में फिलहाल इंद्राज और राजू चौकीदार नाम के दो अन्य आरोपी फरार हैं।
मामा के बेटे ने कराई थी शादी
धोखाधड़ी के शिकार हुए लक्ष्मण ठाकुर ने शिकायत में बताया था कि 8 फरवरी को मामा का बेटा इंद्राज सिंह निवासी ग्राम मौचल दुकान पर आया और शादी करने की बात कहने लगा। उसने लड़की से मिलवाने का बोला। कहा- लड़की 50 हजार रुपए में शादी करने को तैयार है। इसके बाद परिवार वालों से बात की। लड़की की फोटो मंगवाई।
9 फरवरी को बालाजी मंदिर परिसर में लड़की देखने गए। लड़की ने अपना नाम ज्योति बताया। उसके साथ राजू चौकीदार निवासी बरखुआ था। 10 फरवरी को शादी की बात पक्की हुई। सागर के बाघराज मंदिर से शादी की।
शादी में फोटो भी नहीं खींचने दीं
शादी के समय फोटो नहीं खींचने दी। इंद्राज को रुपए दे दिए। दूसरे दिन ज्योति ने कहा- मुझे कपड़े खरीदने हैं, तो वह मेरे भांजी दामाद कृष्णपाल राजपूत के साथ जैसीनगर गई। खरीदी कर घर सरखड़ी वापस आ गई। 11 फरवरी को वह कमरे में गई और गहने, नकद और अन्य सामान लेकर पीछे के दरवाजे से भाग गई।
तय प्लान के अनुसार पुलिस टीम दूल्हे के साथ परेड मंदिर पहुंची। लुटेरी दुल्हन भोपाल से दलाल के साथ शादी करने आई। शादी की रस्में शुरू हुई, लेकिन दूल्हा वरमाला लाना भूल गया। फोन करने पर दूल्हा के फूफा बनकर जैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर वरमाला लेकर शादी स्थल पर पहुंचे और लुटेरी दुल्हन व दलाल को धरदबोचा। दोनों को पकड़कर थाने लाया गया।
जैसीनगर थाना प्रभारी श्री गुर्जर का कहना है कि आरोपित लुटेरी दुल्हन ने सरखड़ी निवासी लक्ष्मण ठाकुर से ज्योति बनकर शादी की थी, लेकिन गिरफ्तार हुई दुल्हन का असली नाम रहली क्षेत्र के चनौआ गांव निवासी रजनी अहिरवार है। उसक दलाल गुड्डू पटेल भी रहली का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि वे इस समय भोपाल में थे। सागर में केवल एक के साथ ही शादी व ठगी की। वह भोपाल से ही यहां शादी करने आई थी। पुलिस ने बताया कि उसके दो साथी फरार है।



