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देश के अगले नामित CJI जस्टिस यूयू ललित ने गिनाई प्राथमिकताएं, 3 बातों पर जोर

नई दिल्ली
शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि हमें ये धारणा खत्म करनी है जिसके तहत ये कहा जाता है कि आम लोग न्यापालिका नहीं पहुंच सकते। इसके लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। वहीं एनवी रमना के स्थान पर नामित मुख्य न्यायाधीश-नामित न्यायमूर्ति यूयू ललित ने शुक्रवार को देश के शीर्ष न्यायिक पद पर अपने 73 दिनों के कार्यकाल के दौरान उन चीजों की एक सूची साझा की जो वह करने का इरादा रखते हैं। जस्टिस ललित शनिवार को कार्यभार संभालेंगे।

सीजेआई एनवी रमना का स्थान ले रहे नामित न्यायमूर्ति यूयू ललित ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पर तीन प्रमुख क्षेत्रों हैं। न्यायमूर्ति ललित ने कहा कि सर्वोच्च प्राथमिकता लिस्टिंग को सरल, स्पष्ट और पारदर्शी बनाना होगा। उन्होंने एक स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी वादा किया जहां संबंधित अदालतों के समक्ष किसी भी जरूरी मामलों का स्वतंत्र रूप से उल्लेख किया जा सकता है। दरअसल शुक्रवार को रिटायरमेंट के दिन जस्टिस यूयू ललित ने शीर्ष न्यायिक पद पर अपने 73 दिनों के कार्यकाल के दौरान उन चीजों की एक सूची साझा की जिसे वो अपने कार्यकाल के दौरान करना चाहते थे।

इंदौर में शुरु हुई ट्री एम्बुलेंस, घर-घर जाकर करेगी पेड़-पौधों का इलाज निवर्तमान CJI एनवी रमना के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के विदाई समारोह में बोलते हुए, CJI-नामित सीजेआई ने कहा कि उनका तीसरा क्षेत्र संविधान पीठों के समक्ष मामलों की सूची बनाना और उन मामलों को सूचीबद्ध करना होगा जो विशेष रूप से तीन न्यायाधीशों की पीठों को संदर्भित किए जाते हैं। न्यायमूर्ति ललित के लिए 29 अगस्त शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश के रूप में पहला कार्य दिवस होगा।

चंद्रमा की वो फोटो जिसे पाने में साइंटिस्ट्स के छूटे पसीने, 2 साल में मिली खास तस्वीर वहीं सेवानिवृत्त हुए सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि यह उनका संवैधानिक कर्तव्य है कि इस धारणा को दूर करें कि न्यायपालिका आम जनता से काफी दूर है, और न्यायपालिका के आसपास जागरूकता पैदा करने और विश्वास पैदा करने के माध्यम से संविधान को लोगों के करीब लाना है। उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका आम जनता से काफी दूर है, अभी भी लाखों दबे हुए लोग हैं जिन्हें न्यायिक मदद की जरूरत है।'

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