मध्य प्रदेश

भाजपा विधायक डा. सीतासरन शर्मा बिजली अफसरों की मनमानी के खिलाफ धरने पर

नर्मदापुरम।
जिला मुख्यालय पर पदस्थ बिजली कंपनी के दो अधिकारियों की कथित मनमानी, अभद्रता और बिजली चोरी के झूठे प्रकरण बनाने पर विधायक डा. सीतासरन शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है। कंपनी अधिकारियों के खिलाफ डा. शर्मा के धरना देने की चेतावनी के बाद गुरुवार सुबह कंपनी महाप्रबंधक व्हीव्हीएस परिहार धरना स्थगित करने की अपील करने आए।

उन्होंने विश्राम गृह में काफी देर तक शर्मा को सफाई देकर शिकायतों की जांच कराने की बात भी कही, लेकिन विधायक अपने फैसले पर अडिग हैं। उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा है कि जनहित में बिजली दफ्तर के बाहर वे शुक्रवार को धरना देंगे। अब सारी बातें जनता की अदालत में ही होंगी। सत्ताधारी दल के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व विस अध्यक्ष डा. सीतासरन शर्मा के मोर्चा खोलने के बाद अब अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।

धरने की चेतावनी के बाद कंपनी के महाप्रबंधक व्हीव्हीएस परिहार सुबह आनन-फानन में विधायक डा. शर्मा से मुलाकात का वक्त लेकर विश्राम गृह पहुंचे। यहां बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक अफसरों ने अपनी सफाई पेश कर विधायक को मनाने का प्रयास किया।

दरअसल नर्मदापुरम में पदस्‍थ डीजीएम अंकुर मिश्रा, प्रधुम्न गजभिए द्वारा गलत तरीके से की जा रही कार्रवाई व नागरिकों से अभद्रता के विरुद्ध विधायक डा. शर्मा ने धरने का एलान किया है। वे दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई चाहते हैं। शर्मा ने कड़े शब्‍दों में कहा कि डीजीएम अति कर रहे हैं और जबरदस्‍ती मीटर से छेड़छाड़ के प्रकरण बनाते हैं। शर्मा ने कहा कि मुझे बहुत से लोगों ने शिकायत की है और मुझे भी शक है डीजीएम अपने साथ जिन लोगों को लेकर जाते हैं, वे मीटर में तार फंसाकर लोगों को झूठा फंसा रहे हैं। इन अफसरों ने भ्रष्‍टाचार का नया सिस्‍टम तैयार कर लिया है। शर्मा ने कहा कि हमने कई बार जीएम से शिकायत की, एकाध प्रकरण को वे देखकर बाद में 6-7 नए प्रकरण बना लेते हैं।

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