खेल

ग्रुप स्टेज के दौरान नहीं होगा डीआरएस का इस्तेमाल, सामने आई ये बड़ी वजह

 नई दिल्ली 
क्रिकेट में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) आने के बाद से खिलाड़ियों को काफी सहूलियत हुई। इसके जरिए खिलाड़ी को अंपायर के फैसले को चुनौती देने का अधिकार मिला, जो कई मौकों पर टीमों के लिए वरदान साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय ही नहीं बल्कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी डीआरएस की अहमियत को समझा गया। हालांकि, बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के एक निर्णय ने लोगों को हैरान कर दिया है। दरअसल, बीपीएल 2023 के ग्रुप स्टेज के दौरान डीआरएस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। बीपीएल का नया सीजन 6 जनवरी से शूरू होने जा रहा है।

पीएल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य सचिव इस्माइल हैदर मोलिक ने खुलासा किया कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग के समानांतर उस समय दो अन्य फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताएं चल रही होंगी तो ऐसे में डीआरएस की उपलब्धता पूरे सीजन के लिए मुश्किल होगी। द डेली के अनुसार, मोलिक ने कहा, "हमारे पास फाइनल सहित एलिमिनेटर स्टेज के लिए डीआरएस होगा। हम वैकल्पिक डीआरएस पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास इस बार वैकल्पिक डीआरएस का अपग्रेडेड वर्जन होगा।''

मोलिक ने आगे कहा, ''हॉक आई टेक्नॉलॉजी उपलब्ध नहीं है। वर्चुअल आई ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ही ऑपरेट होती है। दुनिया भर में बहुत सारे मैच चल रहे हैं। हॉकआई की द्विपक्षीय सीरीज के लिए कमिटमेंट है तो इसलिए हम केवल एलिमिनेटर चरण से ही इस्का इस्तेमाल करेंगे।" गौरतलब है कि बीपीएल में कुल सात टीमें डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी, जिसमें से टॉप चार टीमें नॉकआउट के लिए क्वालीफाई करेंगी। 

इस सीजन के सभी 46 मैच (42 ग्रुप स्टेज और चार नॉकआउट) तीन स्थानों पर आयोजित होंगे। ढाका का शेरे बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सभी चार नॉकआउट मैचों की मेजबानी करेगा, जिसमें 16 फरवरी को होने वाला फाइनल भी शामिल है। शेरे बांग्ला स्टेडियम के अलावा सिलहट अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और चटोग्राम के जहूर अहमद चौधरी स्टेडियम में मैच खेले जाएंगे।
 

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