गहरी नींद का संकेत है या कोई बीमारी? सोते समय मुंह से लार बहने पर रहें अलर्ट?

अकसर दिन भर की थकान के बाद बिस्तर में पहुंचते ही लोगों को गहरी नींद आ जाती है। लेकिन कई बार गहरी नींद से जागने पर सुबह तकिए पर लगे लार के निशान व्यक्ति को असहज और शर्मिंदगी महसूस करवा सकते हैं। हो सकता है ऐसा कुछ कई बार खुद आपके साथ भी हुआ हो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गहरी नींद में बहने वाली यह लार महज एक इत्तेफाक है या आपके शरीर की तरफ से दिया जाने वाला कोई खास इशारा? तो बता दें, डॉक्टरी भाषा में इस समस्या को 'सियलोरिया' (Sialorrhea) कहा जाता है। वैसे तो सोते समय लार निकलना इस बात का संकेत हो सकता है कि आप बहुत गहरी और सुकून भरी नींद में थे, लेकिन कई बार यह गलत पॉस्चर, एसिडिटी या साइनस जैसी समस्याओं की दस्तक भी हो सकती है। आइए समझते हैं कि आखिर रात के सन्नाटे में हमारा शरीर इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों देता है और इसके पीछे की असली वजह क्या है।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट
शारदाकेयर हेल्थसिटी में हेड ऑफ न्यूरोसाइंस डॉ. अतामप्रीत सिंह कहते हैं कि नींद में कभी-कभी लार टपकना आम बात है। यह अक्सर चेहरे की मांसपेशियों के ढीले होने, मुंह से सांस लेने या गलत सोने की मुद्रा के कारण होता है और आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे, तो यह नाक के लगातार बंद रहने, एसिड रिफ्लक्स, दांतों या मसूड़ों की समस्या, या नींद में निगलने की क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह नसों या मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों से भी संबंधित हो सकता है।
ऐसे में रोगी को चाहिए कि नाक को साफ रखें, सही तरीके से सोना और किसी भी छुपी हुई बीमारी का इलाज करने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर लार टपकने की समस्या ज्यादा या लगातार बनी रहे, तो कारण जानने और आगे की परेशानियों से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
नींद में लार टपकने के पीछे छिपे 5 बडे़ कारण
मस्तिष्क संबंधी विकार
कई बार कुछ मस्तिष्क संबंधी विकारों के चलते मांसपेशियों पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति के मुंह से लार टपकने लगती है। इन विकारों में स्ट्रोक,सेरेब्रल पाल्सी, पार्किंसंस रोग, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS),मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), डाउन सिंड्रोम और ऑटिज्म शामिल हैं।
इंफेक्शन
कई बार किसी संक्रमण की वजह से भी मुंह से लार टपकने लगती है। जिसमें खराब गला या मोनोन्यूक्लिओसिस, साइनस इंफेक्शन, तोंसिल्लितिस, पेरिटोनसिलर फोड़ा जैसे संक्रमण शामिल होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें टॉन्सिलिटिस आपकी गर्दन और छाती तक फैल जाता है, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के मुंह से लार बहने लगती है।
एलर्जी
यदि आपको किसी चीज से एलर्जी है तो भी सोते वक्त आपके मुंह से लार बह सकती है। दरअसल, एलर्जी होने पर लार ग्रंथि ज्यादा मात्रा में लार बनाकर शरीर से विषाक्त पदार्थों बाहर निकालती है।
बंद नाक
कई बार जुकाम, एलर्जी या साइनस इंफेक्शन की वजह से व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है। नाक बंद होने से भी सोते समय मुंह से लार आने की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में नाक को साफ रखें और स्टीम के साथ गर्म पानी से भाप लें।
एसिडिटी
- जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है उनके मुंह से भी सोते समय लार बह सकती है।
- कैसे रोकें लार बहना ?
- -पीठ के बल सोने की आदत डालें।
- -बंद नाक का इलाज करवाएं। इसके लिए सोने से पहले स्टीम ले सकते हैं।
- -पानी ज्यादा पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- -दवाओं की वजह से लार आने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।
डॉक्टर को दिखाना कब है जरूरी?
अगर लार बहुत ज्यादा बनने के साथ सांस लेने में दिक्कत, निगलने में परेशानी या नींद पूरी न होने की समस्या परेशान करती है तो, डॉक्टर से संपर्क करें।



