मध्य प्रदेश

आज भी दुबई में फंसे रहेंगे एमपी के लोग: शारजाह से इंदौर की फ्लाइट कैंसिल, विजयवर्गीय ने 100 से अधिक फंसे लोगों से किया संपर्क

 इंदौर
 ईरान पर अमेरि
का और इजरायल के हमले के बाद दुबई में हालात चिंताजनक हैं। इसके चलते दुबई एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। अन्य विमानों के साथ ही शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी रद हो गई है। इससे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें कई कारोबारी और नौकरीपेशा लोग हैं।

इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भी फंसे हैं। उन्होंने दुबई से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करके भारत सरकार से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि दुबई में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए।

शुक्ला के अनुसार, हालात तनावपूर्ण हैं और लगातार अलार्म बज रहे हैं। दुबई में फंसे व्यापारी प्रवीण कक्कड ने बताया कि इंदौर के सभी लोग हालांकि सकुशल हैं। जिस होटल में ठहरे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर ड्रोन हमला होने के बाद सभी लोग निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। खरगोन और बुरहानपुर जिले के भी कई लोगों के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिली है, जो वहां नौकरी के सिलसिले में गए हुए थे। उनके परिजन चिंतित हैं।

दो पूर्व विधायकों सहित इंदौर के एक बड़े कारोबारी और उनके साथी दुबई की जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास की ही पार्क जुमेरा होटल में मिसाइल गिरी और धमाका हुआ। घटना के बाद इंदौर के सभी लोगों ने उस इलाके को छोड़कर दूसरी होटल में शरण ली। कारोबारी पिंटू छाबड़ा ने बताया कि उनके परिजन और सभी साथी सुरक्षित हैं। इंदौर से गया एक अन्य परिवार अबूधाबी में फंसा है। हालांकि वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फ्लाइटों के बंद होने के कारण वापसी मुश्किल हो रही है।

इधर, इंदौरियों के दुबई सहित यूएई के विभिन्न शहरों में फंसने की खबर के बाद मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ताजा हालातों की जानकारी लेते हुए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे इंदौर के लोगों की वापसी के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों सहित कारोबारी पिंटू छाबड़ा से चर्चा कर कहा कि वे ओमान से लौटने का प्रयास करें, फिलहाल भारत-ओमान के बीच हवाई संपर्क जारी है। मंत्री ने यूएई में फंसे लोगों को भारतीय दूतावास से संपर्क रखने और उनकी हिदायतें मानने की भी सलाह दी।

वीडियो भेजकर दी जानकारी

उन्होंने वीडियो में पीछे के हालात दिखाते हुए बताया कि यहां पर सब सामान्य है. मैं सभी से कहना चाहूंगा कि पैनिक न हों क्योंकि मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं, लेकिन उन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें. यहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. कुछ कोशिशें जरूर हुई थीं, लेकिन उन्हें डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया गया है. आम जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. मेरे पीछे मेट्रो स्टेशन और भी दिखाई दे रहा है. मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है.
लोगों से परेशान ना होने की अपील

इसके साथ प्रशांत ने कहा कि मेरा सभी से निवेदन है कि फेक न्यूज न फैलाएं और घबराएं नहीं, यहां स्थिति सामान्य है. दुबई सुरक्षित है और उम्मीद है कि जो बातें हैं, वे भी जल्द ठीक हो जाएंगी हमें भगवान पर भरोसा रखना चाहिए. अगर आपके कोई रिश्तेदार या दोस्त यहां हैं, तो उनके लिए बिल्कुल चिंता न करें. अगर आपको पहले से न बताया जाए, तो शायद आपको पता भी न चले कि यहां कुछ हुआ है. मैं यह वीडियो अपने घर से बना रहा हूं ताकि आपको बड़ा व्यू दिखा सकूं. आप पीछे पूरा ओपन स्काई देख सकते हैं. यह जुमेरा एरिया है, और सामने दिखाई दे रही है. ट्रैफिक दोनों तरफ सामान्य रूप से चल रहा है. आज संडे भी है, इसलिए लोग काम पर कम जा रहे हैं, फिर भी सब कुछ सामान्य है. इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि बेवजह चिंता न करें यहां सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है.
होटल बुकिंग के बढ़े रेट

जबलपुर निवासी शैलेश जैन ने बताया कि हम चार दोस्त 21 फरवरी को अबू धाबी घूमने आए थे. हमारी वापसी 28 फरवरी को निर्धारित थी. 28 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे हमें अचानक जानकारी मिली कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है. उस समय तक हम सुबह 9 बजे होटल से चेक-आउट कर चुके थे. जब हम दोबारा होटल पहुंचे और रुकने की व्यवस्था करनी चाही, तो पता चला कि होटलों के किराए लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल हम यहां अनिश्चित समय के लिए फंसे हुए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि एयरपोर्ट कब खुलेगा और उड़ानें कब शुरू होंगी.

इस वजह से हम सभी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं. वापसी की तैयारी के कारण हमारे पास सीमित धनराशि ही बची थी, जो अब लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. हम भारत सरकार से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि इस परिस्थिति में फंसे भारतीय पर्यटकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. विदेश में अचानक ऐसी स्थिति बन जाने पर कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार से अनुरोध है कि हमारी समस्या पर ध्यान देकर हमें सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश लौटने में सहायता प्रदान करें.
सरकार से मदद की अपील

फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि अनिश्चित माहौल, उड़ानों की अस्थिरता और बढ़ते खर्च के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं. परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की भी चिंता सता रही है. पर्यटकों ने दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की है और विशेष राहत उड़ानों की उम्मीद जता रहे हैं.

गौरतलब है कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी रहते हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. फिलहाल फंसे हुए पर्यटक त्वरित राहत और सुरक्षित स्वदेश वापसी की आस लगाए हुए हैं, जबकि परिजन भारत में चिंता के बीच सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहे हैं.

इंदौर से शारजाह के बीच नियमित उड़ान

एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा इंदौर से शारजाह के बीच नियमित उड़ानों का संचालन किया जाता है। 28 फरवरी से ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुए युद्ध के चलते कंपनी ने अपनी आने और जाने वाली उड़ानों को निरस्त कर दिया था और आज भी उड़ानें निरस्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शारजाह, अबूधाबी और दुबई से इंदौर आने वाले यात्री वहीं फंस गए हैं। इंदौर से दुबई गए दो पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल के साथ ही कारोबारी पिंटू छाबड़ा, उनका बेटा करण छाबड़ा और बहू के साथ ही प्रवीण कक्कड़, संजय अग्रवाल एवं अन्य साथी दुबई गए हुए हैं।

होटल के पास धमाका

दुबई में फंसे पूर्व विधायक सहित अन्य यात्री शनिवार को ही लौटने वाले थे, लेकिन वे जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास ही स्थित पार्क जुमेरा होटल में धमाके के बाद उन्होंने भारतीय दूतावास की सलाह पर उक्त इलाका छोड़कर अन्य इलाके में स्थित होटल हयात में शरण ली। दुबई में फंसे यात्रियों ने बताया कि यहां लगातार धमाकों की आवाज आ रही हैं और सायरन बज रहे हैं। वहां घूमने गए भारतीयों में जहां डर का माहौल है, वहीं इंदौर सहित देश के कई लोग दुबई में ही रह रहे हैं और ताजा हमलों से उनमें भी चिंता बनी हुई है।

अबुधाबी में भी फंसे यात्री

इंदौर से अपने परिवार के साथ 6 लोगों के साथ 26 फरवरी को शारजाह गए सुमित टोंग्या ने बताया कि वे अभी अबूधाबी में हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी होटल के पास धमाकों की आवाजें भी सुनीं। आसमान में उड़ती मिसाइलें भी देखीं। इससे यहां लोगों में घबराहट की स्थिति है। हालांकि रविवार सुबह से हमले शांत हैं। उन्होंने बताया कि काफी लोग फ्लाइट्स बंद होने से यहां फंस गए हैं। उनकी भी वापसी की फ्लाइट 3 मार्च को है और इसे लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मोबाइल पर आया अलर्ट मैसेज

अमोल कटारिया ने बताया कि उनके मोबाइल पर शनिवार को यूएई प्रशासन की ओर से एक चेतावनी मैसेज भी आया, जिसमें लिखा था कि वर्तमान स्थिति के कारण संभावित मिसाइल खतरे की आशंका है। कृपया तुरंत नजदीकी सुरक्षित इमारत में शरण लें और खिड़कियों, दरवाजों तथा खुले क्षेत्रों से दूर रहें। आगे के निर्देशों की प्रतीक्षा करें।

जाने वाले यात्रियों के टूर भी हुए निरस्त

ट्रेवल्स एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि युद्ध के कारण उड़ानें निरस्त हो जाने से इंदौर सहित प्रदेश के यूएई सहित अन्य देशों में जाने वाली कई उड़ानें निरस्त हुई हैं। इसके कारण यात्रियों के पहले से बुक टूर पैकेज कैंसल हो रहे हैं। युद्ध के हालातों को देखते हुए कई पर्यटक खुद ही अपने टूर कैंसल करवा रहे हैं। जो यात्री वहां पहुंच चुके हैं, वे लगातार कैसे भी भारत तक लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
दुबई में इंदौर और मप्र के 30 लोग फंसे हैं।

भारतीय सीनियर पुरुष बास्केटबॉल टीम 25 फरवरी को एशियाई क्वालिफायर में भाग लेने के लिए दोहा गई थी। टीम में मध्यप्रदेश के तुशाल सिंह भी शामिल हैं। 27 को टीम को लेबनान जाना था, लेकिन कतर में चल रहे राजनीतिक तनावों के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा बंद है।

ऐसे में टीम के खिलाड़ी और अधिकारी दोहा में फंसे हुए हैं। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के महासचिव कुलविंदर सिंह गिल ने बताया भारतीय टीम ने 27 फरवरी को कतर के खिलाफ अपना निर्धारित मैच खत्म किया। मौजूदा स्थिति और यात्रा संबंधी अनिश्चितताओं के कारण टीम व अधिकारी दोहा एंबेसी में 5 घंटे के लिए रुके थे। इसके बाद पूरी टीम को होटल में पहुंचाया गया।

 

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