बिहार

बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम का ऐलान आज, शिवराज सिंह चौहान करेंगे बैठक में उद्घाटन

पटना 

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार कुछ देर में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व पहली बार भाजपा करेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक में गठबंधन के पांच दलों के विधायक उस नाम का अनुमोदन करेंगे। अभी जैसे जेडीयू विधायक दल के नेता नीतीश सीएम हैं, उसी तरह आगे भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा और एनडीए से पहले जेडीयू के विधायक दल की बैठक 2 बजे नीतीश लेंगे।

एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद नया नेता यानी नए मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीमित संख्या में पांच घटक दलों के मंत्री शपथ लेंगे। समारोह में दिल्ली से भाजपा और एनडीए दलों के बड़े नेता आ सकते हैं।

नए सीएम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन खुली आंखों से जो राजनीतिक घटनाक्रम दिख रहा है और कल से जिस तरह भाजपा विधायक दल के मौजूदा नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों-मुलाकातों का केंद्र बना हुआ है, उससे यह संभावना प्रबल है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सीएम पद के लिए नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, जनक राम, रेणु देवी, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, मंगल पांडे जैसे कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन भाजपा का फैसला शाम 3 बजे की बैठक में सामने आने तक कुछ तय रूप से नहीं कहा जा सकता।

पांच महीने पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को भाजपा विधायक दल का नेता और उप-नेता चुना गया था। भाजपा के पास विकल्प है कि वो विधायक दल का नेता या उप-नेता ना बदले, लेकिन जदयू को सांसद नीतीश की जगह पर नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो। इस लिहाज से जदयू की 2 बजे की बैठक भी बहुत महत्वपूर्ण है। जदयू में नीतीश के बाद नेता बनने की रेस में विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे है।

नीतीश कुमार सीएम आवास से निकले, आंबेडकर जयंती समारोह बतौर मुख्यमंत्री आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम

नीतीश कुमार बतौर सीएम अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए। वो आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने के बाद जब सीएम हाउस लौटेंगे तो अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद वो राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देंगे।

 भाई वीरेंद्र ने कहा- सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो हम बधाई देंगे
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो वो उनको बधाई देंगे। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के करीबी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा था कि अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो राजद के कार्यकर्ता खुश ही होंगे। शक्ति यादव का तर्क था कि इससे साबित होगा कि राजद से निकले कार्यकर्ता दूसरे जगह जाकर भी सीएम बन सकते हैं।

सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 08- राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा सम्राट के आवास गए
एनडीए दलों के नेता और नीतीश के प्रधान सचिव दीपक कुमार के बाद कल शाम जब राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंच गए, तो यह अब तक के सारे संकेतों में सबसे मजबूत इशारा हो गया कि अगला सीएम कौन हो सकता है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करने के लिए राज्यपाल के सचिव सम्राट से मिलने गए थे।

सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 07- सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार सम्राट के आवास गए
एनडीए के नेताओं के बाद जब कल नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दीपक कुमार ही सरकार की सारी प्रशासनिक व्यवस्था पर सीएम के लिए नजर रखते हैं। दीपक कुमार हर यात्रा और कार्यक्रम में सीएम के साथ और बिल्कुल पास खड़े दिख जाते हैं। दीपक कुमार का सम्राट चौधरी के आवास जाना भी अगली सरकार के नेता का मजबूत संकेत है।

JDU इन 5 नेताओं पर लगा सकती है दांव

डिप्टी सीएम की रेस में कौन आगे?
सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा. हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे चर्चा में है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत फिलहाल इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री होने की बात भी माने आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री के मामले में चौका भी सकते हैं. वे निशांत के अलावा किसी अन्य नेता पर भी दाव लगा सकते हैं. इसके लिए 5 नाम सबसे प्रबल हैं. इनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, विजेंद्र यादव शामिल हैं। 

    संजय झाः इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. पार्टी के रणनीतिकार हैं. सवर्ण (ब्राह्मण) जाति से आते हैं. वे बीजेपी से जदयू में आए हैं. लिहाजा बीजेपी में भी उनकी अच्छी पकड़ है। 

    ललन सिंहः ये नीतीश कुमार के पुराने साथी और बेहद भरोसेमंद हैं. ललन सिंह भी सवर्ण यानि भूमिहार जाति से आते हैं. फिलहाल लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री है. इनका पार्टी पर संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबा प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव है। 
    विजय चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के साथ साये की तरह देखा जाता है. विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश के संकटमोचक माने जाते हैं. फिलहाल राज्य सरकार में मंत्री हैं. सवर्ण जाति से आते हैं और भूमिहार है। 

    अशोक चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के मानस पुत्र माना जाता है. पासी जाति यानि महादलित समुदाय से आते हैं. कांग्रेस से जदयू में आए हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

    विजेंद्र यादवः इन्हें को नीतीश कुमार की सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलती रही है. नीतीश के भरोसेमंद भी माने जाते हैं और प्रशासनिक कार्यों में निपुण हैं. ये पिछड़ी जाति से आते हैं। 

 

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