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उधमपुर में बड़ा बस हादसा, 15 की मौत; मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

उधमपुर 

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक यात्री बस खाई में गिर गई है। इस भीषण हादसे में 15 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई, जब बस रामनगर से उधमनगर की ओर जा रही थी। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बस रामनगर के पास ही एक गांव कगोर्ट से गुजर रही थी। जानकारी मिली है कि ऊंची पहाड़ी पर बने रोड से गुजरती हुई बस का एक तीखे मोड़ के पास नियंत्रण खो गया। यह हादसा सुबह 10 बजे के करीब ही हुआ। हादसे के बाद से बचाव अभियान जारी है। कई लोगों को इस घटना के बाद अस्पताल में एडमिट कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह बस उधमपुर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ।

इस घटना को लेकर एलजी मनोज सिन्हा ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाला है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के साथ हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके अलावा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस घटना को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि मेरी उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात हुई है। उनका कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन समय रहते शुरू हो गया था और घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में मुझे कुछ समय पहले ही जानकारी मिली थी और मैंने तुरंत उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर से बात की।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है. उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट कर दिया गया है. डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है. जिला प्रशासन ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. रामनगर के एसडीएम ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 

उधमपुर-रामनगर मार्ग पर सड़क की स्थिति और मौसम को लेकर अक्सर हादसे होते रहते हैं. पहाड़ी इलाका होने के कारण मोड़ों पर सतर्कता बरतना जरूरी होता है. इस हादसे के कारण स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हुआ है. पुलिस ने आसपास के इलाके में यातायात को डायवर्ट कर दिया है. स्थानीय लोग बस हादसों को रोकने के लिए सड़क सुधार और बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग कर रहे हैं। 

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