छत्तीसगढ़

ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल को सहेजेगी सरकार, शिक्षा मंत्री ने मौके पर दिए बड़े निर्देश

दुर्ग.

गांधी चौक स्थित शहर के सबसे पुराने एवं ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल के संरक्षण और शैक्षणिक उन्नयन को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विगत दिनों शिक्षा विभाग एवं आरईएस के अधिकारियों के साथ विद्यालय परिसर का निरीक्षण किये। देश की आजादी से पूर्व स्थापित विद्यालय से दुर्ग शहर की कई पीढ़ियों की भावनात्मक स्मृतियाँ जुड़ी हैं।

वर्षों से यह विद्यालय न केवल शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, बल्कि शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत, संरचनात्मक मजबूती तथा उसके मूल स्वरूप एवं ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के विषय में शिक्षक और इंजिनियरों से विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जेआरडी स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की विरासत और पहचान है। इस विद्यालय से हजारों विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां से पढ़कर निकले विद्यार्थी आज देश-प्रदेश के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेल, साहित्य, पत्रकारिता, कला, पुलिस, सेना, राजनीति एवं प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने दुर्ग का नाम गौरवान्वित किया है। स्वयं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी इसी विद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं, जिसके कारण इस संस्था से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है।

सुपर 30 क्लास की योजना
जेआरडी स्कूल में सुपर-30 योजना प्रारंभ करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य दुर्ग एवं आसपास के विद्यार्थियों को बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

Back to top button