मध्य प्रदेश

पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश में वर्तमान में एयरपोर्ट निर्माण एवं हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार के लिए चल रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  नायडू को बताया कि प्रदेश में आठ एयरपोर्ट बन चुके हैं। उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत सरकार ने सिंगरौली, सागर, नीमच, छ़िदवाड़ा, मण्डला, खण्डवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल एयरस्ट्रिप्स को केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्र सरकार से प्रोत्साहन और मदद मिलते ही इन पर काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में चलाई जा रही पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में प्रारंभ हुई है। अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचा ली गई है। यह सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग है। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस सेवा में प्रदेश भर में प्रदेश के किसी भी अंचल में रह रहे गंभीर मरीजों को तत्परतापूर्वक उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने एयर एम्बुलेंस सेवा संचालन की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा संचालित उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का अगले दस साल के लिए विस्तार कर दिया गया है। अब यह योजना वर्ष 2036 तक जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी उड़ान योजना के तहत मध्यप्रदेश के सभी प्रस्तावित स्थलों में एयरपोर्ट्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार पूरी मदद देगी। इसके तहत मध्यप्रदेश में पहले चरण में 5 नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे। इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली (ऊर्जाधानी) में एयरपोर्ट बनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री  नायडू ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त कर ली जाएं। काम में तेजी लाएं, क्योंकि सिंहस्थ : 2028 में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के सहज आवागमन के लिए यह हवाई अड्डा बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होना है। इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द से जल्द कर ली जाए। मध्यप्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की इस बैठक में ही मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  नायडू का आत्मीय आभार व्यक्त किया।

अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग  संजय कुमार शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  नायडू को मध्यप्रदेश में तैयार हो रहे सिविल एविएशन इकोसिस्टम और नई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ उठाया है। यह प्रदेश में दिनों-दिन विकसित हो रहीं हवाई सेवाओं के विस्तार पर यहां के यात्रियों के बढ़ रहे विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएम  वायु पर्यटन सेवा, पीएम  हेली पर्यटन सेवा सहित पीएम  एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले महीने ही इंदौर से अबुधाबी तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट प्रारंभ हो गई है। आज से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन सचिव  समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग)  अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र  एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन  चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

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