सीयूजे के छात्र कौशिक ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, विश्वविद्यालय का नाम किया रोशन

रांची
सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग के इंटीग्रेटेड बीए बीएड के छात्र कौशिक कुमार होता ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सीयूजे का नाम रोशन किया है
कौशिक को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से एक राष्ट्रीय स्तर की विशेष उपलब्धि के लिए आधिकारिक मान्यता मिली है। उनकी इस सफलता से यूनिवर्सिटी परिवार में खुशी का माहौल है।
कौशिक ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज में भाग लिया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के युवाओं को जोड़ना और उन्हें ज्ञानवर्धक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस ऑनलाइन क्विज में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 390812 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह उपलब्धि एक सप्ताह में ऑनलाइन क्विज में भाग लेने वाले सर्वाधिक उपयोगकर्ता के रूप में दर्ज की गई।
बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उपलब्धि की जांच और सत्यापन के बाद इसे आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया। कौशिक के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले भी उनका नाम कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज हो चुका है।
इनमें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, अमेरिका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।
कौशिक को पढ़ाई के साथ-साथ किताबें लिखने और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भी रुचि है। वह लगातार कुछ नया करने और अपनी प्रतिभा को अलग-अलग क्षेत्रों में साबित करने का प्रयास करते रहे हैं। उनकी उपलब्धियों की कई प्रतिष्ठित लोगों ने भी सराहना की है।
राज्यपाल ने की सराहना
ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कौशिक की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद और शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी राजभवन में मुलाकात के दौरान उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
इसके अलावा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कौशिक की उपलब्धियों और रिकॉर्ड बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की है। इस उपलब्धि पर सीयूजे के कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने कौशिक कुमार होता को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि कौशिक की यह उपलब्धि पूरे सीयूजे परिवार के लिए गर्व का विषय है। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां यूनिवर्सिटी की पहचान को और मजबूत करती हैं तथा अन्य विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत और निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देती हैं।
टीचर हैं मां
कौशिक के परिवार का भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान है। उनके पिता हरीश चंद्र होता सेवानिवृत्त सहायक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हैं, जबकि उनकी माता अनुपमा नंदा एक शिक्षिका हैं।
माता-पिता ने हमेशा कौशिक को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उनकी मेहनत में पूरा सहयोग दिया।कौशिक की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और पूरे सीयूजे परिवार ने उन्हें बधाई दी है।
सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन से नई उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे। कौशिक की सफलता यूनिवर्सिटी के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
यह उपलब्धि बताती है कि पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के क्षेत्र में मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास करने से विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।



