बिहार

बिहार के मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों में बदलेगा खनन कार्यालय का ठिकाना

मुजफ्फरपुर.

राज्य के सभी जिलों में खनन कार्यालय भवन का नवनिर्माण किया जाएगा। खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा निर्माण कार्य कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विभाग ने नक्शा तैयार कर सभी समाहर्ताओं को उपलब करा दिया है।

नवनिर्माण को लेकर 115 फीट लंबी और 110 फीट चौड़ी भूमि की आवश्यकता होगी। बताया गया कि कुछ जिलों में खनन कार्यालय का संचालन दूसरे भवनों से किया जा रहा है। जबकि जहां सरकारी भवन से संचालन हो रहा है, उस भवन की स्थिति बहुत जर्जर हो चुकी है। इसे देखते हुए विभाग ने नवनिर्माण कराने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सभी समाहर्ताओं से समाहरणालय के आसपास या पांच से सात किलोमीटर की दूरी के बीच जमीन चिह्नित कर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि खनन कार्यालयों का सुचारू रूप से संचालन करना संभव हो सके।

खान एवं भूतत्व विभाग के अपर सचिव ने इसके आलोक में पत्र जारी किया है। मुजफ्फरपुर में भी जिस भवन से खनन कार्यालय का संचालन हो रहा है, वह छह दशक से अधिक पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसका भी नवनिर्माण किया जाएगा। जिस भवन से इसका संचालन हो रहा है वह जिला प्रशासन का है। इसमें एक ओर डीआरडीए भवन का संचालन होता है। जबकि डीटीओ जाने वाले रास्ते में खनन कार्यालय का भवन है। इसमें पहले लोक शिकायत निवारण केंद्र चलता था। बाद में इसे खनन विभाग को दिया गया।

कार्यालय में काम करने और न रखरखाव की व्यवस्था
खनन विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि भवन इतना पुराना हो चुका है कि बरसात में छत से पानी टपकता है। बैठने तक की जगह नहीं है। अंदर से पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। इस कारण खनन पदाधिकारी और खनन निरीक्षण अब संयुक्त भवन में बैठकर कामकाज का संचालन करते हैं। जबकि कार्यालय से संबंधित काम अभी उसी जर्जर भवन से हो रहा है। रखरखाव की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। कागजात के नष्ट होने की संभावना रहती है। कर्मियों को सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।

  • राज्य के सभी जिलों में खनन कार्यालय भवन का होगा निर्माण
  • वर्तमान में जर्जर हालत में है भवन, छत से टपकता पानी और गिरता है प्लास्टर
  • खनन पदाधिकारी और खनन निरीक्षक अब संयुक्त भवन में बैठकर करते काम

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