CJI सूर्यकांत के मुहावरे से बनी MJP, 72 घंटे में 3 लाख फॉलोअर्स

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नई दिल्ली
सीजेआई सूर्यकांत की मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं कर सकते वाली टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर माखी जनता पार्टी नाम का एक नया मजाकिया संगठन सामने आ गया है। सिर्फ 72 घंटों में इसके इंस्टाग्राम अकाउंट को 40 लाख से ज्यादा व्यू और 3.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स मिल चुके हैं।

माखी जनता पार्टी
कॉकरोच के बाद अब मक्खी की एंट्री हो गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मुहावरा कहा- 'मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं कर सकते' और सोशल मीडिया पर माखी जनता पार्टी’ (MJP) बन गई है। अब इस संगठन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ तालमेल बिठाने और एकजुटता दिखाने की कोशिश शुरू कर दी है। सीजेपी भी पहले एक टिप्पणी पर मजाक के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन बाद में वह युवाओं के बीच विरोध और जवाबदेही की मांग का बड़ा मंच बन गई।

एमजेपी ने मंगलवार को दावा किया कि सिर्फ 72 घंटों के अंदर उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को 40 लाख से ज्यादा व्यूज और 3.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स मिल चुके हैं। संगठन के पेज पर आर्यन नाम के एक छात्र को इसका संस्थापक बताया गया है। अकाउंट की एक इंस्टाग्राम स्टोरी में यह भी लिखा गया कि संगठन अभी प्रवक्ता (स्पोक्सपर्सन) की तलाश कर रहा है। पेज की जानकारी के मुताबिक, यह अकाउंट जून 2021 में इंस्टाग्राम पर बना था और मौजूदा हैंडल 'makhijantaparty.ig' अपनाने से पहले उसने आठ बार अपना यूजरनेम बदला था।
 
सीजेआई की 'मक्खी मारने के लिए हथौड़ा' वाली टिप्पणी कैसे बनी वजह
एमजेपी के एक पोस्ट से साफ पता चलता है कि इसका नाम सीधे सीजेआई सूर्यकांत की हालिया टिप्पणी से लिया गया है। यह टिप्पणी 9 अक्टूबर को एक सुनवाई के दौरान आई थी। उस दिन सुप्रीम कोर्ट 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के पीछे की वजह पर सवाल उठा रहा था।

कोर्ट की बेंच ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं के आधार पर सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित या रेगुलेट करना सही हो सकता है, लेकिन पूरे सिस्टम को ही रोक देना बिल्कुल अलग बात है। पीठ ने साफ कहा कि कोई भी नियमन कर सकता है लेकिन हर चीज पर रोक लगाना पूरी तरह से अलग बात है… आप हर चीज को नहीं रोक सकते। जजों ने अधिकारियों को याद दिलाया कि वे मक्खी मारने के लिए हथौड़ा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एमजेपी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जब सीजेआई ने ही कहा-‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं कर सकते!’ अब तो मक्खी भी बोलेगी हम भी किसी से कम नहीं। हिंदी में इसका मतलब था कि जब सीजेआई खुद मान रहे हैं कि छोटी बात के लिए बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए, तो अब मक्खी भी अपनी आवाज उठाएगी।

सीजेपी और नेहा बोरा के साथ
एमजेपी ने न सिर्फ सीजेपी बल्कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की सदस्य नेहा बोरा के साथ भी एकजुटता जताई है। नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध कर रही हैं। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में एमजेपी ने कहा कि वह बोरा की 'हिम्मत और पक्के इरादे' का समर्थन करता है। संगठन ने लिखा कि सवाल उठाना और जवाबदेही की मांग करना लोकतंत्र के लिए बहुत जरूरी है।