8वें वेतन आयोग में 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹72,000 तक होने की चर्चा
नई दिल्ली
8वें वेतन आयोग की बेंगलुरू मीटिंग खत्म हो चुकी है। अब आयोग की अगली बैठक मुंबई में होगी। यह मीटिंग 22 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इन सबके बीच पे कमीशन का 11 महीने का समय भी करीब बीत चुका है। इस दौरान आयोग के सामने जो कुछ बड़े मुद्दे उभर कर आए उसमें फिटमेंट फैक्टर, भत्ता, पेंशन आदि से जुड़ा हुआ है। आइए डीटेल्स में समझतें हैं ..
सबसे अधिक चर्चा आयोग से फिटमेंट फैक्टर को लेकर हुई है। इसी के गुणांक में कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़ेगा। 6वें वेतन आयोग के दौरान आयोग ने 1.86 फिटमेंट फैक्टर तय किया था। 7वें पे कमीशन ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर रखा था।
अधिक फिटमेंट फैक्टर की हो रही मांग
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 4 फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो लेवल 1 कर्मचारी का बेसिक पे 18000 रुपये से बढ़कर 72000 रुपये तक पहुंच जाएगा। नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बेसिक पे 69000 रुपये के स्तर पर पहुंच जाता है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने 3.8 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस हिसाब से कम से कम बेसिक पे 65000 रुपये होता है।
4 फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 4 से 10 तक कितना होगा बेसिक पे
7वें वेतन आयोग के हिसाब से लेवल 4 के कर्मचारियों को कम से कम 25500 रुपये के बेसिक पे मिल रहा है। अगर फिटमेंट 4 रखा गया तो इनका बेसिक पे 102000 लाख रुपये हो जाएगा। लेवल 5 के कर्मचारियों का बेसिक पे 29200 रुपये से बढ़कर 116800 रुपये हो सकता है। लेवल 6 के कर्मचारियों का बेसिक पे 35400 रुपये से बढ़कर 141600 रुपये तक पहुंच सकता है। लेवल 7 और लेवल 10 के कर्मचारियों का बेसिक पे 4 फिटमेंट फैक्टर पर क्रमशः 179600 रुपये और 224400 रुपये हो जाएगा।
अगर 3.833 फिमटेंट फैक्टर रखा गया तो लेवल 4 और 5 की कितना बेसिक पे होगा
लेवल 4 के कर्मचारियों का बेसिक पे 97742 रुपये और लेवल 5 के कर्मचारियों का बेसिक पे 1,11,924 रुपये होगा। वहीं, लेवल 3.80 के फिटमेंट फैक्टर पर लेवल चार के कर्मचारियों का बेसिक पे 96900 रुपये हो जाएगा।
8वें वेतन आयोग को मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट को जमा करना है। जिसके बाद कैबिनेट उस रिपोर्ट पर फैसला करेगा। तब जाकर यह प्रभावी होगा। बता दें, 8वें पे कमीशन की रिपोर्ट जनवरी 2026 से लागू होगा।
