सिंहस्थ-2028 के सभी निर्माण कार्य तेज गति से पूर्ण करें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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नवंबर में सभी लंबित स्वीकृतियां प्राप्त कर ले

घाटों की एप्रोच रोड, पेयजल, सीवरेज और श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्थाओं को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सिंहस्थ से संबंधित सभी निर्माण कार्य तेज गति से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। जिन कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया लंबित है, उनकी स्वीकृतियां नवंबर माह में अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाएं। सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में आवश्यक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना इसी सप्ताह सुनिश्चित की जाए। सभी संबंधित विभाग सिंहस्थ के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए पृथक अमला तैनात करें, ताकि कार्यों का क्रियान्वयन समयबद्ध ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों एवं तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का आकलन करते हुए उनके आवागमन, यातायात, पार्किंग, ठहरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित योजना तैयार की जाए। घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों के निर्माण और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर निर्धारित योजना के अनुसार डोम विकसित किए जाएं। साथ ही, पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर श्रद्धालुओं के आवागमन एवं व्यवस्थाओं की अग्रिम कार्ययोजना तैयार की जाए।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अभी से करें व्यापक तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आसपास के स्कूलों एवं कॉलेजों को चिन्हित कर वहां आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण, पेयजल की उपलब्धता, मरम्मत तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना बनाई जाए। उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर स्थित सांदीपनि विद्यालयों के उपयोग की भी योजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के आंतरिक क्षेत्रों तथा मेला क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता और सीवरेज संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए पर्यटन विभाग एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। घट्टिया, तराना तथा आसपास के उन क्षेत्रों में, जहां से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन होगा, टेंट सिटी एवं होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने किसानों और सामाजिक संस्थाओं को टेंट सिटी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने होम-स्टे का दायरा बढ़ाने तथा आवश्यकतानुसार अन्य आवासीय व्यवस्थाओं के विकास पर भी विचार करने की बात कही। सिंहस्थ के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में पृथक सिंहस्थ डिवीजन स्थापित करने के भी निर्देश दिए।

सड़क विकास के साथ स्थानीय व्यापारियों के हितों का ध्यान रखें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों के लिए उज्जैन में सकारात्मक वातावरण है और नागरिकों का सहयोग भी मिल रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि विकास कार्यों के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले व्यापारियों के रोजगार एवं व्यवसाय को पुनः स्थापित करने के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए, ताकि उन्हें नए और उपयुक्त व्यावसायिक स्थल उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के मार्गों का जितना बेहतर विकास होगा, व्यापारिक गतिविधियों को भी उतना ही प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रभावित होने वाले बाजारों और दुकानदारों के हितों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। इसके लिए वैकल्पिक बाजारों के स्थलों का चयन कर उनका व्यवस्थित विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बर्तन बाजार तथा सोना-चांदी के व्यापारियों के पुनर्वास के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नजर अली मिल क्षेत्र, कवेलू कारखाना क्षेत्र अथवा आसपास के उपयुक्त स्थानों पर विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा। जिन दुकानदारों की दुकानें निर्माण कार्यों के कारण प्रभावित हुई हैं और जिनके पास कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी किसी उपयुक्त बाजार में समायोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी लाने के लिए अलग अमला तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हों और नागरिकों एवं व्यापारियों को होने वाली असुविधा कम की जा सके।

समीक्षा बैठक में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह तथा कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ से संबंधित वर्तमान में कुल 175 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये है। इन कार्यों को पूर्ण करने के लिए चरणबद्ध समय-सीमा निर्धारित की गई है।

निर्धारित समय-सारणी के अनुसार दिसंबर 2026 तक 51 कार्य, जनवरी से मार्च 2027 तक 36 कार्य, अप्रैल से जून 2027 तक 61 कार्य तथा जुलाई से अक्टूबर 2027 तक 23 निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं तथा कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही उन्हें आमजन के उपयोग के लिए खोला जाए, जिससे नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा, शहर के विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएं।

बैठक में प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष श्री ओम जैन, श्री संजय अग्रवाल सहित प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।